130 Naxalites Surrendered: देश में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में एक बड़ी सफलता सामने आई है। हैदराबाद में 130 नक्सलियों ने सामूहिक रूप से आत्मसमर्पण कर दिया। इन नक्सलियों ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री A. Revanth Reddy के सामने हथियार डाल दिए।
जानकारी के अनुसार आत्मसमर्पण करने वालों में 125 नक्सली छत्तीसगढ़ के, 4 तेलंगाना के और 1 आंध्र प्रदेश का बताया जा रहा है। इसे सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
नक्सली संगठन के बड़े पदों पर थे कई सदस्य
सरेंडर करने वालों में नक्सली संगठन के कई अहम पदों पर कार्यरत सदस्य भी शामिल हैं। इनमें स्टेट कमेटी, डिविजनल कमेटी और एरिया कमेटी के सदस्य भी बताए जा रहे हैं, जो संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे थे।
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक लगातार चल रही कार्रवाई और दबाव के कारण नक्सलियों का मनोबल कमजोर पड़ा है, जिसके चलते सरेंडर की घटनाएं बढ़ रही हैं।
आधुनिक हथियार भी किए जमा
आत्मसमर्पण के दौरान नक्सलियों ने बड़ी मात्रा में आधुनिक हथियार भी सुरक्षाबलों को सौंपे। इनमें इंसास एलएमजी राइफल, एके-47, इंसास राइफल और एसएलआर राइफल जैसे कई घातक हथियार शामिल हैं।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में हथियारों का एक साथ जमा होना नक्सल विरोधी अभियान की महत्वपूर्ण सफलता है।
मुख्यमंत्री ने हिंसा का रास्ता छोड़ने की अपील की
सरेंडर के बाद मुख्यमंत्री A. Revanth Reddy ने कहा कि Mahatma Gandhi के देश में हिंसा और सशस्त्र आंदोलन किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि जो लोग मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनके लिए सरकार पुनर्वास और बेहतर जीवन की व्यवस्था कर रही है।
31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य
केंद्र सरकार ने देश से नक्सलवाद समाप्त करने के लिए 31 मार्च 2026 तक की समय सीमा तय की है। जैसे-जैसे यह समय नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे नक्सलियों के सरेंडर की घटनाएं भी तेजी से सामने आ रही हैं।
हाल ही में नक्सल संगठन के शीर्ष नेताओं में शामिल देवजी के आत्मसमर्पण की खबर भी सामने आई थी। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि संगठन के अब कुछ ही नेता बचे हैं, जो दबाव के कारण छिपते फिर रहे हैं।
