Swami Avimukteshwaranand News: छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। यहां उन्होंने भक्तों से मुलाकात की और मीडिया से बातचीत के दौरान कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी।
“राजनीतिक एकता का समाज को फायदा नहीं”
स्वामी ने देश में एकता और धर्म के नाम पर हो रहे ध्रुवीकरण को लेकर कहा कि अगर एकता सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए बनाई जाती है, तो उसका समाज को कोई वास्तविक फायदा नहीं होता।
उन्होंने कहा कि चाहे एकता हो या ध्रुवीकरण, उसका उद्देश्य समाज का भला होना चाहिए।
सनातन धर्म को किससे खतरा?
सनातन धर्म के खतरे में होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि खतरा बाहरी शक्तियों से नहीं, बल्कि “अंदर छिपे कालनेमियों” से है। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने की अपील की, ताकि सनातन धर्म सुरक्षित रह सके।
गौरक्षा पर नेताओं को घेरा
गौरक्षा के मुद्दे पर स्वामी ने नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी कथनी और करनी में बड़ा अंतर है। मंच पर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते।
योगी आदित्यनाथ पर टिप्पणी
योगी आदित्यनाथ से मतभेद के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनका किसी से व्यक्तिगत विवाद नहीं है। लेकिन यदि कोई नेता गौरक्षा के नाम पर वोट लेता है और बाद में उस पर काम नहीं करता, तो सवाल उठाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि अगर नीयत सही होती तो पिछले 9 वर्षों में गौरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाते।
आरोपों पर क्या बोले स्वामी?
सेक्सुअल हरासमेंट के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वामी ने कहा कि यह सब उन्हें बदनाम करने की साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि गौमाता की रक्षा की बात करने पर सत्तारूढ़ दल उन्हें रोकने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रहे हैं।
अन्य मुद्दों पर भी बोले
स्वामी ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर कहा कि वहां कोई स्थायी मित्र या शत्रु नहीं होता। इसके अलावा, यूजीसी से जुड़े मुद्दों को लेकर उन्होंने कहा कि ऐसे फैसले समाज को बांटने वाले हैं और इन्हें लागू नहीं किया जाना चाहिए।