Surrendered Naxals in Chhattisgarh Vidhan Sabha : रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ विधानसभा में उस समय एक अलग ही नजारा देखने को मिला, जब 140 आत्मसमर्पित नक्सली लोकतंत्र के इस केंद्र तक पहुंचे। यह सभी छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिलों बीजापुर और कांकेर से आए थे, जिनमें 54 महिलाएं और 86 पुरुष शामिल रहे।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया को समझने का मौका
मुख्यधारा में लौट चुके इन पूर्व नक्सलियों ने पहली बार विधानसभा की कार्यवाही को करीब से देखा और लोकतांत्रिक व्यवस्था को समझने की कोशिश की। यह अनुभव उनके लिए काफी नया और प्रेरणादायक रहा, जहां उन्होंने जनप्रतिनिधियों की भूमिका और कानून निर्माण की प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से जाना।
विष्णुदेव साय से मुलाकात
इस दौरान सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से भी मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें बेहतर जीवन के अवसर देना है।
पुनर्वास योजनाओं पर जोर
मुलाकात के दौरान विजय शर्मा और केदार कश्यप भी मौजूद रहे। नेताओं ने पूर्व नक्सलियों का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें शिक्षा, रोजगार और सरकारी पुनर्वास योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
यह पहल राज्य सरकार के पुनर्वास कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य नक्सलवाद से प्रभावित लोगों को लोकतांत्रिक व्यवस्था से जोड़कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है।