Chaitra Navratri Day 5: चैत्र नवरात्रि के पांचवें दिन 23 मार्च 2026 को मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप मां स्कंदमाता की पूजा की जाएगी। स्कंदमाता को भगवान कार्तिकेय (स्कंद कुमार) की माता माना जाता है, इसलिए उन्हें यह नाम प्राप्त हुआ है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां स्कंदमाता अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाती हैं और सुख-समृद्धि प्रदान करती हैं।
पूजा के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: 05:06 AM से 05:53 AM
प्रातः सन्ध्या: 05:29 AM से 06:40 AM
अभिजित मुहूर्त: 12:21 PM से 01:09 PM
गोधूलि मुहूर्त: 06:49 PM से 07:13 PM
सायाह्न सन्ध्या: 06:50 PM से 08:01 PM
विशेष शुभ समय: 06:40 AM से 07:52 AM
पूजा विधि
नवरात्रि के पांचवें दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान-ध्यान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा स्थल पर चौकी रखकर मां स्कंदमाता की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें और धूप-दीप जलाकर माता को कुमकुम, रोली और अक्षत अर्पित करें। इसके बाद माता के मंत्र “ॐ देवी स्कंदमातायै नमः” का कम से कम 108 बार जाप करें।
इसके साथ ही दुर्गा सप्तशती या दुर्गा चालीसा का पाठ करना भी शुभ माना जाता है। माता को पीले रंग की मिठाइयां, केसर की खीर और केले का भोग लगाएं। अंत में आरती कर प्रसाद वितरण करें।
पूजा का महत्व
मान्यता है कि मां स्कंदमाता की पूजा करने से जीवन में शांति, समृद्धि और संतानों की सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। यह दिन भक्तों के लिए विशेष फलदायी माना जाता है।