Chhattisgarh Assembly Special Session: छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर जोरदार बहस जारी है।
करीब 7 घंटे से ज्यादा समय से चल रही इस चर्चा में अब तक दर्जनभर से ज्यादा विधायकों ने अपने विचार रखे हैं। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रख रहे हैं।
महिला सशक्तिकरण पर सरकार का जोर
महिला एवं बाल विकास मंत्री Laxmi Rajwade ने सदन में कहा कि सरकार महिला आरक्षण को लागू करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि राज्य में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनमें महतारी वंदन योजना और लखपति दीदी योजना प्रमुख हैं।
मंत्री ने कहा कि समाज में महिलाओं को अभी भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, ऐसे में आरक्षण उनके लिए जरूरी कदम है।
परिसीमन और आरक्षण पर टकराव
सदन में परिसीमन और आरक्षण के मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
विपक्ष का कहना है कि परिसीमन से पहले ही महिला आरक्षण लागू किया जाना चाहिए। वहीं सरकार का तर्क है कि संसद के माध्यम से इसे 2029 तक लागू करने की दिशा में प्रक्रिया चल रही है।
विपक्ष ने सत्र पर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष Charandas Mahant ने इस विशेष सत्र की आवश्यकता पर सवाल खड़े किए।
उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री विपक्ष की निंदा करते हैं, तो उस पर भी चर्चा होनी चाहिए। महंत ने इस सत्र को गैरजरूरी बताते हुए कहा कि जब विधेयक को पर्याप्त समर्थन नहीं मिलना था, तो इसे लाने का औचित्य क्या है।
कांग्रेस को बदनाम करने का आरोप
विपक्ष ने आरोप लगाया कि सत्तापक्ष महिला आरक्षण बिल को लेकर कांग्रेस को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है।
महंत ने कहा कि महिला अधिकारों के लिए कांग्रेस ने ऐतिहासिक रूप से काम किया है और 1917 में Annie Besant को नेतृत्व सौंपना इसका उदाहरण है।
सत्तापक्ष की प्रतिक्रिया
विधानसभा में जब इस सत्र को गैरजरूरी बताया गया, तो सत्तापक्ष के वरिष्ठ नेता Ajay Chandrakar ने आपत्ति जताई।
उन्होंने कहा कि यह विषय पूरे देश से जुड़ा हुआ है और इस पर चर्चा जरूरी है।
महिला आरक्षण पर तेज हुई राजनीति
सदन में महिला आरक्षण को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
सत्तापक्ष का कहना है कि वह महिलाओं को जल्द आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक मुद्दा बताकर सवाल उठा रहा है।
Chhattisgarh Assembly Special Session में महिला आरक्षण और परिसीमन का मुद्दा अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।
जहां एक ओर सरकार इसे महिलाओं के सशक्तिकरण का बड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसके समय और प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीति और तेज होने की संभावना है।