Nautapa 2026: 2 मई से ज्येष्ठ माह की शुरुआत के साथ ही गर्मी का असर तेज होने लगा है। इस दौरान पड़ने वाला नौतपा (Nautapa) साल के सबसे गर्म दिनों का दौर माना जाता है। मान्यता है कि इस समय सूर्य के Rohini Nakshatra में प्रवेश करते ही तापमान तेजी से बढ़ता है और भीषण गर्मी पड़ती है।
2026 में कब से कब तक रहेगा नौतपा
साल 2026 में नौतपा 25 मई से शुरू होगा। इस दिन दोपहर 3 बजकर 44 मिनट पर सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। यह अवधि लगातार 9 दिनों तक चलेगी और 2 जून 2026 को समाप्त होगी। इस दौरान तापमान अपने चरम पर पहुंच सकता है।
ज्योतिषीय नजरिए से महत्व
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस समय सूर्य वृषभ राशि में रहते हुए रोहिणी नक्षत्र में गोचर करते हैं। सूर्य का प्रभाव बढ़ने से चंद्रमा की शीतलता कम हो जाती है, जिससे धरती पर गर्मी बढ़ जाती है। इसे मानसून से पहले का महत्वपूर्ण चरण माना जाता है।
वैज्ञानिक कारण भी समझिए
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो इस समय सूर्य की किरणें भारत के अधिकांश हिस्सों पर सीधी पड़ती हैं। इससे तापमान तेजी से बढ़ता है और कई जगहों पर पारा 45 से 48 डिग्री तक पहुंच सकता है। इसी वजह से लू चलने की स्थिति बनती है।
नौतपा में क्या करें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह समय सूर्य देव की उपासना के लिए विशेष होता है। सुबह जल्दी उठकर सूर्य को जल अर्पित करना, गायत्री मंत्र का जाप करना और दान करना शुभ माना जाता है। जल, गुड़, पंखा, वस्त्र और अन्न का दान विशेष फलदायी बताया गया है।
सेहत का रखें खास ध्यान
नौतपा के दौरान स्वास्थ्य का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। ज्यादा पानी पीना, छाछ, नारियल पानी, सत्तू और बेल का शरबत लेना फायदेमंद होता है। धूप में निकलने से बचें और हल्के सूती कपड़े पहनें।
अच्छी बारिश के संकेत
मान्यताओं के अनुसार, अगर नौतपा के दौरान तेज गर्मी पड़ती है, तो यह अच्छे मानसून का संकेत माना जाता है। इस साल भी अच्छी बारिश की संभावना जताई जा रही है, जिससे किसानों को राहत मिल सकती है।
अगर नौतपा नहीं तपे तो?
लोक मान्यताओं के अनुसार, यदि नौतपा के दौरान पर्याप्त गर्मी नहीं पड़ती, तो मानसून कमजोर या देर से आ सकता है। हालांकि यह पूरी तरह वैज्ञानिक आधार पर नहीं है, लेकिन वर्षों के अनुभव पर आधारित माना जाता है।