Indore Loco Pilot Samosa: इंदौर के राऊ के पास गुड्स ट्रेन रोककर लोको पायलट के समोसा-कचौड़ी खरीदने का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने सवाल उठाए कि क्या रेलवे कर्मचारियों ने सिर्फ नाश्ता खरीदने के लिए ट्रेन रोक दी? अब इस मामले में रेलवे की जांच पूरी हो चुकी है और जांच रिपोर्ट में वायरल दावे की सच्चाई सामने आ गई है।
मंगलवार को हुआ था वायरल
Indore Loco Pilot Samosa दरअसल, मंगलवार को राऊ के पास का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो बनाने वाले ने दावा किया था कि लोको पायलट ने समोसा और कचौड़ी खरीदने के लिए ट्रेन रोक दी। वीडियो में एक रेलवे कर्मचारी ट्रेन से उतरकर समोसा-कचौड़ी खरीदता हुआ भी दिखाई दिया, जिसके बाद रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे और लोगों ने इस पूरे मामले की जांच की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे ने जांच दल गठित किया। जांच में सामने आया कि वायरल वीडियो में जो दावा किया गया था, वह सही नहीं था।
रेलवे ने किया खंडन
इस मामले में जांच के बाद पश्चिम रेलवे ने सोशल मीडिया पर वायरल उस वीडियो (Indore Loco Pilot Samosa) का खंडन किया है, जिसमें दावा किया गया था कि एक सहायक लोको पायलट ने भोजन खरीदने के लिए ट्रेन रोक दी। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि ट्रेन को राऊ यार्ड में निर्धारित इंजीनियरिंग कार्य के कारण राऊ होम सिग्नल पर पहले से ही रोका गया था। ठहराव के दौरान सहायक लोको पायलट भोजन खरीदते हुए दिखाई दिए थे। रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया कि वीडियो को गलत तरीके से एक यात्री डेमू ट्रेन से जोड़ा गया, जबकि यह घटना एक मालगाड़ी से संबंधित थी। पश्चिम रेलवे ने लोगों से अपील की है कि किसी भी भ्रामक सामग्री को साझा करने से पहले तथ्यों की पुष्टि अवश्य करें।
Indore Loco Pilot Samosa रिपोर्ट के मुताबिक जिस समय गुड्स ट्रेन राऊ के पास रुकी थी, उस समय आगे ट्रैक पर मेंटेनेंस का काम चल रहा था और सिग्नल रेड था। ऐसे में सुरक्षा नियमों के तहत ट्रेन को वहीं रोकना अनिवार्य था। यानि ट्रेन किसी कर्मचारी के नाश्ता खरीदने के लिए नहीं रोकी गई थी। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि ट्रेन में उस समय लोको पायलट और असिस्टेंट लोको पायलट अपनी ड्यूटी पर मौजूद थे। इनके अलावा एक स्पेयर लोको पायलट भी ट्रेन में सफर कर रहा था। ट्रेन के निर्धारित कारणों से रुके होने के दौरान वही स्पेयर लोको पायलट नीचे उतरा और पास की दुकान से समोसा-कचौड़ी खरीदकर वापस ट्रेन में सवार हो गया।
नाश्ता खरीदने से कोई संबंध नहीं था: रेलवे अधिकारी
Indore Loco Pilot Samosa रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह गुड्स ट्रेन महू से इंदौर की ओर आ रही थी। ट्रेन का रुकना पूरी तरह ऑपरेशनल कारणों से था और इसका नाश्ता खरीदने से कोई संबंध नहीं था। जांच में लोको पायलट की ओर से किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए उन्हें इस मामले में दोषी नहीं पाया गया। सोशल मीडिया पर जिस वीडियो को ट्रेन रोककर समोसा-कचौड़ी खरीदने की घटना बताकर वायरल किया गया, रेलवे की जांच में वह दावा गलत साबित हुआ। रेलवे ने साफ किया है कि ट्रेन सिग्नल रेड होने और ट्रैक पर चल रहे कार्य के कारण रुकी थी, जबकि समोसा खरीदने वाला व्यक्ति स्पेयर लोको पायलट था, जिसने ट्रेन के निर्धारित ठहराव के दौरान नाश्ता खरीदा। रेलवे ने जांच पूरी कर इस पूरे विवाद पर विराम लगा दिया है।