Bilaspur Road Accident: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। बिल्हा थाना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार मालवाहक वाहन ने सड़क किनारे खड़े तीन ग्रामीणों और उनकी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में दो सगे भाइयों की मौत हो गई, जबकि तीसरा व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है और उसका इलाज जारी है।
घटना के बाद मालवाहक चालक वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है और आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
सड़क किनारे खड़े होकर कर रहे थे बातचीत
Bilaspur Road Accident का यह मामला बिल्हा थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, भटगांव निवासी बरातुदास मानिकपुरी अपने भाई चंदु मानिकपुरी और प्रीतम दास मानिकपुरी के साथ अपने दामाद के घर गए थे।

वापस लौटने के बाद तीनों प्रीतम दास मानिकपुरी के घर के पास पहुंचे। उन्होंने अपनी बाइक सड़क किनारे खड़ी की और वहीं आपस में बातचीत कर रहे थे।
इसी दौरान सेंवार की तरफ से एक मालवाहक वाहन तेज गति से आया। आरोप है कि चालक वाहन को लापरवाही और खतरनाक तरीके से चला रहा था। इसी दौरान मालवाहक ने सड़क किनारे खड़े तीनों लोगों के साथ उनकी बाइक को भी टक्कर मार दी।
दो भाइयों ने मौके पर तोड़ा दम
हादसे के बाद तीनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों की मदद से घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बरातुदास मानिकपुरी और प्रीतम दास मानिकपुरी को मृत घोषित कर दिया।
वहीं चंदुदास मानिकपुरी की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसका इलाज जारी है।

हादसे के बाद आरोपी चालक वाहन को घटनास्थल पर ही छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मालवाहक को जब्त कर लिया। पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
Kota Snake Bite Case: सर्पदंश से 7 वर्षीय बच्ची की मौत
बिलासपुर जिले के कोटा क्षेत्र से भी एक दुखद घटना सामने आई है। ग्राम बिल्लीबंद धनुवारपारा में सर्पदंश के बाद इलाज करा रही 7 वर्षीय रायना बंजारे की मौत हो गई।
परिजनों के मुताबिक, रायना रात में खाना खाने के बाद बिस्तर पर सोई थी। सुबह उसके पेट में दर्द, उल्टी और सांस लेने में परेशानी होने लगी। इसके बाद परिजन उसे तत्काल कोटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे।
प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे सिम्स बिलासपुर रेफर कर दिया।
एंबुलेंस में देरी का परिजनों ने लगाया आरोप
परिजनों का आरोप है कि कोटा अस्पताल परिसर में वाहन उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें रतनपुर से एंबुलेंस बुलाने के लिए कहा गया। उनके अनुसार, एंबुलेंस मिलने में करीब एक घंटे की देरी हुई।
इसके बाद बच्ची को सिम्स बिलासपुर ले जाकर भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिजनों का कहना है कि अगर समय पर आपातकालीन वाहन उपलब्ध हो जाता तो बच्ची की जान बचाई जा सकती थी। इस घटना के बाद ग्रामीण इलाकों में एंबुलेंस और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
खेत में खुले बिजली तार की चपेट में आया युवक
बिलासपुर जिले के तखतपुर थाना क्षेत्र के चनाडोंगरी में भी करंट लगने से एक युवक की मौत की जानकारी सामने आई है।
बताया जा रहा है कि युवक खेत गया हुआ था। इसी दौरान वह खेत में मौजूद बिजली के खुले तार की चपेट में आ गया। करंट लगने के बाद उसकी मौत हो गई।
इस घटना ने खेतों और ग्रामीण क्षेत्रों में खुले बिजली तारों से जुड़े सुरक्षा इंतजामों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
एक ही जिले से सामने आईं कई दर्दनाक घटनाएं
बिलासपुर जिले में सामने आई इन घटनाओं ने सड़क सुरक्षा, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं और बिजली सुरक्षा जैसे मुद्दों को एक बार फिर सामने ला दिया है। एक तरफ Bilaspur Road Accident में तेज रफ्तार मालवाहक की चपेट में आने से दो भाइयों की मौत हुई, वहीं दूसरी ओर सर्पदंश और करंट लगने से भी जान जाने की घटनाएं सामने आई हैं।
सड़क हादसे के मामले में पुलिस ने वाहन जब्त कर जांच शुरू कर दी है और फरार चालक की तलाश की जा रही है। वहीं सर्पदंश के मामले में परिजनों द्वारा एंबुलेंस में देरी के लगाए गए आरोपों की भी जांच की जरूरत है।