Rajim Flood News के बीच छत्तीसगढ़ के राजिम क्षेत्र में महानदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। कई दशकों बाद महानदी में इस स्तर पर पानी बढ़ने से राजिम और नवापारा के निचले इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। ऐतिहासिक कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर का शिखर तक पानी पहुंच गया है, जबकि पंचेश्वरनाथ मंदिर का बड़ा हिस्सा भी जलमग्न हो चुका है।
लगातार बारिश के साथ सिकासार, गंगरेल और सोंढुर जलाशयों से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा। इसके चलते बाढ़ का पानी मंदिर परिसर तक पहुंच गया है। कुलेश्वरनाथ मंदिर के गर्भगृह के आसपास पानी भरने से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है।
नवापारा के चार वार्डों में सबसे ज्यादा असर

Rajim Flood News के मुताबिक, बाढ़ का सबसे ज्यादा असर नवापारा शहर के वार्ड क्रमांक 15, 16, 17 और 19 में देखने को मिला है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने इन क्षेत्रों के 1971 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
प्रभावित परिवारों के लिए सोमवारी बाजार, सामुदायिक भवन, मंडी और झूलेलाल मंदिर सहित कई स्थानों पर अस्थायी राहत व्यवस्था की गई है। राहत शिविरों में रह रहे लोगों के लिए प्रशासन की ओर से दोनों समय भोजन की व्यवस्था की जा रही है।
वहीं, सोमवारी बाजार का निचला हिस्सा पूरी तरह पानी में डूब गया है। कई मकानों और दुकानों में बाढ़ का पानी घुस गया है। कच्चे मकानों और झोपड़ियों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
राजिम बस स्टैंड तक पहुंचा बाढ़ का पानी

महानदी के बढ़ते जलस्तर का असर राजिम शहर के कई हिस्सों में भी दिखाई दे रहा है। वीआईपी मार्ग से नीचे स्थित इलाकों में पानी भर गया है। राजिम बस स्टैंड तक बाढ़ का पानी पहुंच चुका है, जहां घुटनों तक पानी बह रहा है।
निचले इलाकों में कई घरों और दुकानों में पानी घुसने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासनिक टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही हैं और जरूरत के अनुसार लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है।
कुलेश्वरनाथ मंदिर का शिखर तक डूबा
महानदी के बढ़े जलस्तर का सबसे बड़ा असर राजिम के ऐतिहासिक मंदिर क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। बाढ़ का पानी कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर परिसर तक पहुंच गया है और मंदिर का शिखर भी पानी में डूब गया है।
इसके अलावा पंचेश्वरनाथ मंदिर का बड़ा हिस्सा भी जलमग्न बताया जा रहा है। मंदिर क्षेत्र में पानी बढ़ने के बाद श्रद्धालुओं की आवाजाही पर भी असर पड़ा है। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल लोगों को सुरक्षित रखना और नदी एवं जलमग्न इलाकों से दूर रखने की है।
बाढ़ का नजारा देखने उमड़ी भीड़

महानदी के बढ़े जलस्तर और मंदिर के आसपास बने बाढ़ के हालात को देखने के लिए राजिम और नवापारा के अलावा आसपास के करीब 50 गांवों से लोग पहुंच रहे हैं।
पंडित जवाहरलाल नेहरू पुल, परसवानी पुल और बेलाहीघाट पुल पर भी लोगों की भीड़ देखी जा रही है। हालांकि बाढ़ के दौरान पुलों और नदी के आसपास अनावश्यक भीड़ जोखिम बढ़ा सकती है। प्रशासन की ओर से लोगों से सावधानी बरतने और खतरनाक स्थानों से दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है।
राहत और बचाव कार्य में जुटा प्रशासन
एसडीएम रवि सिंह के अनुसार, प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल किसी जनहानि की आधिकारिक सूचना नहीं है। प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
सीएमओ लवकेश पैकरा नगर पालिका की टीम के साथ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। इंजीनियर राहुल थवानी, आरआई निखिल चंद्राकर सहित अन्य प्रशासनिक कर्मचारी भी राहत व्यवस्था में जुटे हैं।
रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी स्थिति की लगातार जानकारी ले रहे हैं। प्रभावित इलाकों में लोगों की जरूरतों के अनुसार राहत और बचाव की व्यवस्था की जा रही है।
जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन भी सक्रिय
बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए अभनपुर विधायक इंद्रकुमार साहू, जिला पंचायत सदस्य यशवंत साहू, एसडीएम रवि सिंह, सीएमओ लवकेश पैकरा, तहसीलदार, आरआई, पटवारी और नगर पालिका की टीम सक्रिय है।
नगर पालिका अध्यक्ष ओमकुमारी साहू, उपाध्यक्ष भूपेंद्र सोनी और विभिन्न राजनीतिक दलों के पार्षद भी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों की जरूरतों की जानकारी ले रहे हैं।
स्थानीय युवाओं के साथ मुस्लिम समाज के युवा भी राहत एवं सहायता कार्यों में सहयोग कर रहे हैं। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर मिलकर प्रभावित परिवारों तक जरूरी मदद पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
पानी उतरने के बाद होगा नुकसान का सर्वे
फिलहाल प्रशासन का सबसे बड़ा फोकस बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखना और उन्हें भोजन व रहने की सुविधा उपलब्ध कराना है। जिन इलाकों में पानी ज्यादा है, वहां लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
प्रशासन के मुताबिक, पानी उतरने के बाद प्रभावित क्षेत्रों का विस्तृत सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद मकानों, दुकानों और अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान के साथ प्रभावित परिवारों की संख्या का वास्तविक आकलन सामने आएगा।
फिलहाल महानदी का जलस्तर और बाढ़ की स्थिति प्रशासन की निगरानी में है। लोगों से नदी, पुलों और जलमग्न निचले इलाकों से दूरी बनाए रखने तथा प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।