Chhattisgarh Flood News: छत्तीसगढ़ में 23 और 24 सितंबर को हुई भारी बारिश के बाद कई जिलों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी। खासकर बस्तर संभाग में बारिश का असर व्यापक रहा। बाढ़ और बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 8 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि हजारों लोगों को प्रभावित क्षेत्रों से निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि बाढ़ से 571 गांवों के 22,377 लोग प्रभावित हुए हैं और करीब 16 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
इस बीच बारिश ने सड़क और रेल नेटवर्क को भी नुकसान पहुंचाया है। केके रेल रूट पर मल्लीगुड़ा और छत्रीपुट रेलवे स्टेशन के बीच भूस्खलन के कारण रेलवे ट्रैक के नीचे की मिट्टी बह गई, जिससे ट्रैक का एक हिस्सा हवा में लटक गया।
150 मीटर हिस्से की मिट्टी बहने से हवा में झूला ट्रैक

भारी बारिश के बाद मल्लीगुड़ा-छत्रीपुट सेक्शन में करीब 150 मीटर हिस्से की मिट्टी बहने की जानकारी सामने आई है। इसके चलते रेलवे लाइन का एक हिस्सा असुरक्षित स्थिति में पहुंच गया है और ट्रैक के नीचे से मलबा गिर रहा है।
रेलवे की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। क्षतिग्रस्त हिस्से में मरम्मत और मलबा हटाने का काम शुरू किया गया है। ट्रैक की सुरक्षा को देखते हुए इस रूट पर चलने वाली यात्री और मालगाड़ियों का संचालन प्रभावित हुआ है।
बस्तर में भारी बारिश और बाढ़ के कारण रेल और सड़क संपर्क प्रभावित होने की जानकारी पहले भी सामने आई है।

16 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मुताबिक, लगातार बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति बनी। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन ने बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया।

बस्तर समेत प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर बनाए गए हैं। सुकमा में भी बड़ी संख्या में लोगों को राहत शिविरों में रखा गया है और प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। 27 सितंबर तक बस्तर में 43 राहत शिविरों में 5 हजार से अधिक लोगों के रहने की जानकारी सामने आई थी।
हेलीकॉप्टर से भी हुआ रेस्क्यू
बाढ़ प्रभावित इलाकों में कई जगह सड़क मार्ग से पहुंचना मुश्किल होने के बाद हेलीकॉप्टर की मदद से भी लोगों को सुरक्षित निकाला गया। बस्तर में भारतीय वायुसेना ने 16 लोगों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है। जहां भी लोग बाढ़ के पानी में फंसे हैं, वहां जरूरत के मुताबिक बचाव दल भेजे जा रहे हैं।
8 लोगों की मौत, 172 मवेशियों की भी गई जान
मुख्यमंत्री के अनुसार बारिश और बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में 8 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा करीब 172 मवेशियों की मौत की भी जानकारी दी गई है।
बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में घरों को नुकसान पहुंचा है। शुरुआती आकलन के अनुसार 199 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि करीब 11 हजार मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।
सरकार की ओर से पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए नियमानुसार मुआवजा देने की बात कही गई है। प्रभावित परिवारों को राहत शिविरों में भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी प्रशासन का फोकस है।
पानी उतरने के बाद फसलों के नुकसान का होगा सर्वे
Chhattisgarh Flood News के बीच बाढ़ से कृषि क्षेत्र को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद कृषि विभाग प्रभावित इलाकों में फसलों के नुकसान का सर्वे करेगा।
फसल नुकसान का आकलन पूरा होने के बाद प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। वहीं मकानों और अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान का सर्वे भी जारी है।
सुकमा और बस्तर में राहत कार्य तेज
बस्तर संभाग के सुकमा और अन्य प्रभावित जिलों में राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। सुकमा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हाल ही में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और राहत शिविरों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित लोगों तक भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा और राहत सामग्री समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए।
प्रशासन का कहना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति सामान्य करने के लिए राहत कार्यों के साथ-साथ क्षतिग्रस्त सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे की मरम्मत पर भी काम किया जा रहा है।
रेलवे और सड़क संपर्क पर भी असर
छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का असर परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ा है। बस्तर क्षेत्र में कई सड़क मार्ग बाढ़ के कारण प्रभावित हुए हैं। वहीं केके रेल रूट पर भूस्खलन से ट्रैक क्षतिग्रस्त होने के कारण रेल परिचालन भी प्रभावित हुआ है।
फिलहाल प्रशासन और संबंधित विभागों की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रखना, राहत सामग्री पहुंचाना और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को जल्द बहाल करना है।
Chhattisgarh Flood News के बीच सरकार और प्रशासन की टीमें प्रभावित जिलों में हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। बाढ़ का पानी कम होने के बाद नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाएगा, जिसके आधार पर राहत और मुआवजे की आगे की कार्रवाई की जाएगी।