Kawardha Farmers Protest: छत्तीसगढ़ के कवर्धा में किसानों का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। भारतीय किसान संघ की ओर से ‘बलराम किसान न्याय यात्रा’ के तहत किसान ट्रैक्टरों के साथ जिला मुख्यालय पहुंचे हैं। किसान अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, बड़ी संख्या में ट्रैक्टरों के पहुंचने से शहर के प्रमुख मार्गो पर यातायात प्रभावित हुआ है।
किसानों की प्रमुख मांगों में गन्ने पर बोनस, गन्ना और बागवानी फसलों को कृषक उन्नति योजना में शामिल करना, शक्कर कारखानों की क्षमता बढ़ाना और सिंचाई परियोजनाओं के विस्तार जैसे मुद्दे शामिल हैं।
गन्ने पर ₹150 बोनस समेत 11 मांगें

किसान संघ की सबसे प्रमुख मांगों में गन्ने पर 150 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की मांग शामिल है। इसके अलावा गन्ना और बागवानी फसलों को कृषक उन्नति योजना में शामिल कर किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ सालाना आदान सहायता देने की मांग भी उठाई जा रही है।
किसानों की मांग है कि धान के समर्थन मूल्य में पिछले तीन वर्षों में हुई बढ़ोतरी को जोड़कर 3100 रुपये के हिसाब से भुगतान किया जाए और पिछली सरकार के समय की लंबित चौथी किश्त का भी जल्द भुगतान किया जाए।
शक्कर कारखानों की क्षमता बढ़ाने की मांग

किसानों ने जिले के दोनों शक्कर कारखानों की क्षमता बढ़ाने की मांग भी रखी है। इसके अलावा घूमंतू गोवंश के पुनर्वास, धान खरीदी केंद्रों में तौल व्यवस्था में सुधार और सिंचाई परियोजनाओं के विस्तार से जुड़े मुद्दे भी मांगों में शामिल हैं।
किसान संघ की ओर से सुतियापाठ जलाशय की नहर-नाली विस्तार, पिलारी नहर निर्माण, घोघरा नहर-नाली विस्तार, नेवारी व्यपवर्तन को खपरी तक विस्तार और करिया आमा बांध निर्माण की मांग भी रखी गई है।
इसके साथ ही गन्ना किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए मंडी बोर्ड से रिवॉल्विंग फंड और गन्ने की फसल को बीमा के दायरे में लाने की मांग भी की गई है।
शहर के प्रमुख रास्तों पर यातायात प्रभावित

किसानों के ट्रैक्टरों के कवर्धा पहुंचने के कारण जिला मुख्यालय के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कई स्थानों पर पहले से बैरिकेडिंग की है।
रिपोर्टों के अनुसार, समनापुर-भोरमदेव तिराहा, घोटिया रोड, अवंती बाई चौक-न्यू बस स्टैंड और सांसद निवास स्थित बायपास-गौरव पथ मार्ग पर यातायात नियंत्रण की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने स्कूली बसों और एंबुलेंस जैसी जरूरी सेवाओं का आवागमन बनाए रखने की व्यवस्था की है।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
किसान संघ ने प्रदर्शन के बाद शासन के प्रतिनिधि को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपने की बात कही है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसानों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन किया जा सकता है।
इस प्रदर्शन के चलते कवर्धा में किसान मुद्दों को लेकर प्रशासन और सरकार के सामने अब मांगों पर निर्णय लेने की चुनौती है।
भाजपा किसान मोर्चा ने दिया बातचीत का भरोसा
किसानों के प्रदर्शन के बीच भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह ने कहा कि गन्ना उत्पादक किसानों की मांगों पर विचार-विमर्श चल रहा है। उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री ने कृषि और सहकारिता विभाग के सचिव से भी इस विषय पर चर्चा की है।
आलोक सिंह ने उम्मीद जताई कि जल्द ही गन्ना उत्पादक किसानों के हित में निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार गन्ना उत्पादक किसानों के नुकसान को रोकने के लिए काम करेगी।
बलराम किसान न्याय यात्रा के जरिए सरकार तक पहुंचाई जा रहीं मांगें
Kawardha Farmers Protest के तहत किसानों की यह ट्रैक्टर रैली केवल गन्ने के बोनस तक सीमित नहीं है। किसान कृषि उपज के भुगतान, सिंचाई, फसल बीमा, शक्कर कारखानों और सरकारी योजनाओं से जुड़े कई मुद्दे एक साथ उठा रहे हैं।
फिलहाल कवर्धा में बड़ी संख्या में किसानों और ट्रैक्टरों की मौजूदगी के कारण प्रशासन ने यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया है। अब किसानों की 11 सूत्रीय मांगों पर सरकार की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर आंदोलन की आगे की दिशा निर्भर करेगी।