Raipur Drug Bust: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कथित ड्रग्स कारोबार के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। शंकरनगर स्थित एक सैलून एवं वेलनेस सेंटर पर छापेमारी के दौरान पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से करीब 15 ग्राम प्रतिबंधित सिंथेटिक ड्रग MDMA बरामद हुई है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग डेढ़ लाख रुपये बताई गई है।
यह कार्रवाई खम्हारडीह थाना क्षेत्र में की गई। पुलिस को संदेह है कि वेलनेस सेंटर में आने वाले कुछ ग्राहकों को कथित तौर पर ड्रग्स उपलब्ध कराई जाती थी। इसके अलावा, होटल, क्लब, पब, बार और पार्टियों तक भी इसकी सप्लाई किए जाने की आशंका जताई गई है। पुलिस अब इस मामले में कथित सप्लाई नेटवर्क और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
मुखबिर की सूचना पर वेलनेस सेंटर में छापा

मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को मुखबिर से शंकरनगर स्थित रेमेडी सैलून एवं वेलनेस सेंटर में कथित ड्रग्स गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसके आधार पर पुलिस टीम ने परिसर में छापेमारी की।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आशा नायक, कृष्णा तिवारी और हेमंत थापा को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आशा नायक दुर्ग के सुपेला क्षेत्र, कृष्णा तिवारी पंडरी और हेमंत थापा अवंति विहार के निवासी हैं।
छापेमारी के दौरान लगभग 15 ग्राम MDMA बरामद की गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ड्रग्स आरोपियों तक कैसे पहुंची और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं।
ग्राहकों को ड्रग्स देने की आशंका

पुलिस को संदेह है कि वेलनेस सेंटर में आने वाले चुनिंदा ग्राहकों को कथित तौर पर MDMA उपलब्ध कराई जाती थी। जांच में यह आशंका भी सामने आई है कि कुछ युवकों के माध्यम से होटल, क्लब, पब, बार और निजी पार्टियों तक ड्रग्स पहुंचाई जाती थी।
हालांकि, इस कथित नेटवर्क में ग्राहकों और अन्य लोगों की वास्तविक भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस बरामदगी और आरोपियों से संबंधित जानकारी के आधार पर आगे की पड़ताल कर रही है।
CCTV का DVR जब्त, फुटेज की होगी जांच

पुलिस ने वेलनेस सेंटर में लगे CCTV कैमरों का DVR जब्त कर लिया है। अब फुटेज की जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि सेंटर में कौन-कौन लोग आते-जाते थे और उनकी गतिविधियां क्या थीं।
जांच के दौरान जरूरत पड़ने पर कुछ लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि परिसर का इस्तेमाल किन गतिविधियों के लिए किया जाता था।
मिली जानकारी के मुताबिक, सेंटर के चेंजिंग रूम में कैमरा नहीं लगा था और वहां ड्रग्स के सेवन की कथित व्यवस्था होने की आशंका भी जताई गई है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है। हालांकि, इन दावों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही हो सकेगी।
मुंबई, दिल्ली और राजस्थान से सप्लाई का संदेह
पुलिस को आशंका है कि गिरफ्तार आरोपियों को ड्रग्स किसी तीसरे पक्ष के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, अलग-अलग लोग कथित तौर पर ड्रग्स पहुंचाते थे और नेटवर्क का संचालन सीधे संपर्कों के जरिए किया जाता था।
जांच में मुंबई, दिल्ली और राजस्थान से ड्रग्स की आपूर्ति होने की आशंका भी सामने आई है। पुलिस अब संभावित सप्लायरों की पहचान करने और ड्रग्स के स्रोत का पता लगाने में जुटी है।
फिलहाल इन शहरों से सप्लाई की बात जांच का हिस्सा है। इसकी स्वतंत्र पुष्टि और कथित आपूर्ति श्रृंखला में शामिल लोगों की पहचान होने के बाद ही पूरे नेटवर्क की तस्वीर स्पष्ट हो पाएगी।
बड़े ड्रग्स नेटवर्क की तलाश में पुलिस
इस कार्रवाई के बाद पुलिस की जांच केवल बरामद MDMA तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसियां कथित सप्लाई चैन, सेंटर में आने वाले लोगों और आरोपियों के संभावित संपर्कों की जानकारी जुटा रही हैं।
CCTV फुटेज, जब्त सामग्री और पूछताछ से मिलने वाली जानकारी के आधार पर पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि ड्रग्स कहां से लाई गई थी और क्या इसे दूसरे स्थानों पर भी सप्लाई किया जा रहा था।
यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
रायपुर में ड्रग्स कारोबार पर कार्रवाई से उठे सवाल
शंकरनगर के वेलनेस सेंटर में हुई छापेमारी ने राजधानी में कथित ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क को लेकर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह मामला कुछ लोगों तक सीमित है या इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था।
फिलहाल तीन लोगों की गिरफ्तारी और करीब 15 ग्राम MDMA की बरामदगी की जानकारी सामने आई है। मुंबई, दिल्ली और राजस्थान से कथित सप्लाई, ग्राहकों की भूमिका और अन्य संभावित आरोपियों से जुड़े पहलुओं की जांच जारी है।