CJP Press Conference Ruckus: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दीपके और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) प्रमुख नेहा बोरा की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गुरुवार को हंगामा हो गया। मीडिया से बातचीत के बीच कुछ लोगों ने कथित तौर पर ‘बंद करो, दफा हो जाओ’ के नारे लगाए। घटना के बाद नेहा बोरा ने आयोजकों से हंगामा कर रहे लोगों को बाहर निकालने के लिए कहा।

यह घटनाक्रम CJP के प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ विरोध मार्च से एक दिन पहले सामने आया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभिजीत दीपके और नेहा बोरा ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों, पुलिस कार्रवाई, पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर अपनी बात रखी।
अभिजीत दीपके ने सरकार और प्रशासन पर लगाए आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभिजीत दीपके ने दावा किया कि पिछले 10 से 15 दिनों से दिल्ली में छात्र और युवा विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके मुताबिक, प्रदर्शनकारियों को प्रशासन की ओर से जबरन हटाया जा रहा है और कई लोगों को हिरासत में लिया गया है।
दीपके ने यह भी दावा किया कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान विपक्ष के कई नेताओं को हिरासत में लिया गया, जिनमें ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल और पिनाराई विजयन जैसे नेताओं के नाम शामिल हैं। हालांकि, इन दावों की पुष्टि संबंधित घटनाओं और आधिकारिक बयानों के आधार पर की जानी जरूरी है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का जिक्र करते हुए दीपके ने सवाल उठाया कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान इतनी सख्ती आखिर किसके लिए की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी कार्रवाई एक व्यक्ति को लेकर हो रही है।
रेलवे और मेट्रो सेवाएं बंद किए जाने का दावा

अभिजीत दीपके ने 10 अक्टूबर को किए गए आह्वान का जिक्र करते हुए दावा किया कि इसके बाद रेलवे सेवाएं बंद कर दी गईं। उन्होंने दिल्ली मेट्रो सेवाओं और कुछ स्टेशनों को बंद किए जाने की बात भी कही।
दीपके ने दिल्ली में जम्मू-कश्मीर से सुरक्षा बलों की तैनाती पर सवाल उठाते हुए प्रशासन की कार्रवाई को लेकर चिंता जताई। हालांकि, रेलवे और मेट्रो सेवाओं पर पाबंदियों तथा सुरक्षा बलों की तैनाती से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
पत्रकारों के साथ कथित मारपीट और हिरासत का आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा भी उठाया गया। अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि कुछ पत्रकारों के पास प्रेस कार्ड होने के बावजूद उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें कई घंटों तक हिरासत में रखा गया।
वहीं, नेहा बोरा ने दावा किया कि विरोध प्रदर्शनों की कवरेज कर रहे पत्रकारों के कैमरे छीन लिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पत्रकारों को प्रदर्शन की रिपोर्टिंग नहीं करने की चेतावनी भी दी गई।
इन आरोपों पर संबंधित पुलिस अधिकारियों या प्रशासन का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी रिपोर्ट में शामिल किया जाना जरूरी होगा। फिलहाल प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए आरोपों को स्वतंत्र रूप से पुष्ट तथ्यों से अलग करके देखना महत्वपूर्ण है।
महिला पत्रकार से कथित उत्पीड़न का मामला भी उठाया
नेहा बोरा ने एक महिला पत्रकार का मामला उठाते हुए आरोप लगाया कि उसे कथित तौर पर विवेक भगत की ओर से यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था। बोरा के मुताबिक, जब महिला पत्रकार शिकायत दर्ज कराने पुलिस के पास पहुंची, तो उसके खिलाफ ही जवाबी FIR दर्ज कर दी गई।
बोरा ने इस मामले को लेकर प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि न्याय की मांग करने वाले नागरिकों के साथ कार्रवाई की जा रही है, जबकि उनकी शिकायतों पर उचित कदम नहीं उठाए जा रहे।
यह मामला गंभीर आरोपों से जुड़ा है। इसकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित शिकायत, FIR और पुलिस के आधिकारिक पक्ष की जानकारी जरूरी है। किसी व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोपों को जांच या न्यायिक निष्कर्ष के बिना साबित तथ्य नहीं माना जा सकता।
‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च निकालने की तैयारी
CJP की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस शुक्रवार शाम प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ विरोध मार्च से पहले आयोजित की गई थी। अभिजीत दीपके ने लोगों से मार्च में शामिल होने की अपील करते हुए राष्ट्रीय ध्वज फहराने को लोकतांत्रिक अधिकार बताया।
CJP ने दिल्ली के अलावा अन्य शहरों में भी एक साथ तिरंगा मार्च निकालने का आह्वान किया है। पार्टी के नेताओं के मुताबिक, इस प्रदर्शन के जरिए वे अपनी मांगों और विरोध को सामने रखना चाहते हैं।
प्रस्तावित मार्च को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने के बीच प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुई नारेबाजी ने भी ध्यान खींचा है।
कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली के कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा सकती है। संवेदनशील स्थानों पर अर्धसैनिक बलों की तैनाती, बैरिकेडिंग और यातायात प्रतिबंध जैसे कदम उठाए जाने की संभावना जताई गई है।
इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य भीड़ को नियंत्रित करना और किसी अप्रिय घटना को रोकना बताया गया है। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रतिबंधों की अंतिम स्थिति के लिए दिल्ली पुलिस की आधिकारिक एडवाइजरी देखना जरूरी होगा।
CJP Press Conference Ruckus के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
CJP Press Conference Ruckus के बीच अभिजीत दीपके और नेहा बोरा ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन को घेरा। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुई नारेबाजी के अलावा पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार, हिरासत और एक महिला पत्रकार की शिकायत का मुद्दा भी उठाया गया।
अब प्रस्तावित तिरंगा मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कैसी रहती है और प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए आरोपों पर संबंधित प्रशासन क्या प्रतिक्रिया देता है, इस पर नजर रहेगी। फिलहाल सामने आई जानकारी में नेताओं के आरोपों और पुलिस सूत्रों से मिली संभावित सुरक्षा तैयारियों को अलग-अलग समझना जरूरी है। संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया मिलने पर मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।