Raipur Dussehra 2026: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में विजयादशमी के अवसर पर रावण दहन और दशहरा उत्सव को लेकर तैयारियां की गई हैं। शहर के WRS कॉलोनी स्थित दशहरा मैदान में इस बार 101 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन मुख्य आकर्षण रहेगा। इसके अलावा रावणभाठा, बूढ़ापारा और शंकर नगर समेत कई इलाकों में भी दशहरा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
धार्मिक आयोजनों, रामलीला और आतिशबाजी के बीच राजधानी में विजयादशमी का पर्व पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया जाएगा। अलग-अलग आयोजन स्थलों पर स्थानीय समितियों की ओर से तैयारियां की जा रही हैं, ताकि लोग परिवार के साथ दशहरा उत्सव में शामिल हो सकें।
WRS मैदान में 101 फीट ऊंचे रावण का दहन

रायपुर के WRS कॉलोनी स्थित दशहरा मैदान में भव्य रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यहां रावण के साथ कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले भी तैयार किए गए हैं।
आयोजन समिति के प्रमुख और उत्तर क्षेत्र के विधायक पुरंदर मिश्रा के मुताबिक, तीनों पुतलों के निर्माण पर कुल 3.03 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। इनमें 101 फीट ऊंचे रावण के पुतले को तैयार करने में करीब 1.50 लाख रुपये की लागत आई है।
कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीराम के स्वरूप द्वारा अग्निबाण चलाकर रावण दहन किया जाएगा। इसके साथ आतिशबाजी भी होगी। आयोजकों को उम्मीद है कि इस भव्य आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचेंगे। अनुमान के मुताबिक, WRS मैदान में करीब पांच लाख लोगों की भीड़ जुट सकती है।
रायपुर के बाजारों में सजे रावण और कुंभकरण के पुतले

Raipur Dussehra 2026 की तैयारियों का असर शहर के बाजारों में भी दिखाई दे रहा है। आमापारा, अग्रसेन चौक मार्ग और बांसटाल क्षेत्र में कारीगरों ने रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों की दुकानें सजाई हैं।
इन बाजारों में बच्चों से लेकर युवाओं और कॉलोनियों में दशहरा उत्सव आयोजित करने वाले समूहों के लिए अलग-अलग आकार के पुतले उपलब्ध हैं। पुतलों की कीमत लगभग 150 रुपये से शुरू होकर 25 हजार रुपये तक बताई जा रही है।
बच्चों के लिए करीब दो फीट ऊंचे छोटे पुतले तैयार किए गए हैं। वहीं, मोहल्लों और कॉलोनियों में सामूहिक रावण दहन करने वाले युवा समूह 10 से 12 फीट तक के पुतले खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
कारीगर ग्राहकों की जरूरत और बजट के अनुसार पुतले तैयार कर रहे हैं। दशहरे का दिन नजदीक आने के साथ इनकी मांग बढ़ने लगती है।
बांस और रंगीन कागज से तैयार होते हैं पुतले

रावण के पुतले बनाने की परंपरा से जुड़े कारीगर बांस, पैरा और रंगीन कागज का इस्तेमाल करते हैं। इन सामग्रियों की मदद से पुतलों को आकार दिया जाता है और उन्हें आकर्षक रूप दिया जाता है।
पहले बांसटाल क्षेत्र में पुतलों की दुकानें अधिक केंद्रित थीं, लेकिन अब मांग बढ़ने के साथ रायपुर के अन्य इलाकों में भी इनकी बिक्री होने लगी है।
कारीगर मंगतु राम निषाद के मुताबिक, समय के साथ इस व्यवसाय का दायरा बढ़ा है। छोटे पुतलों की मांग बच्चों के बीच अधिक रहती है, जबकि बड़े पुतले कॉलोनियों और मोहल्लों में होने वाले सामूहिक आयोजनों के लिए बनाए जाते हैं।
रावणभाठा मैदान में भी होगी विशेष व्यवस्था
WRS मैदान के अलावा रावणभाठा मैदान में भी दशहरा उत्सव की तैयारियां की गई हैं। यहां नगर निगम की ओर से साफ-सफाई, रोशनी और पेयजल जैसी जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। आयोजन स्थल पर अग्निशमन व्यवस्था को लेकर भी तैयारी की जा रही है।
रावणभाठा में होने वाले कार्यक्रम में स्थानीय लोगों की भागीदारी रहने की उम्मीद है। दशहरे के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए आयोजन स्थल पर बुनियादी सुविधाओं का इंतजाम महत्वपूर्ण रहेगा।
बूढ़ापारा के सप्रे स्कूल मैदान में 50 फीट का रावण
रायपुर के बूढ़ापारा क्षेत्र में स्थित सप्रे स्कूल मैदान में भी रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यहां 50 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किए जाने की तैयारी है।
इस आयोजन में स्थानीय लोग शामिल होंगे। धार्मिक कार्यक्रमों और रावण दहन के जरिए विजयादशमी का पर्व मनाया जाएगा। WRS मैदान के बड़े आयोजन के साथ सप्रे स्कूल मैदान का कार्यक्रम भी शहर के प्रमुख दशहरा आयोजनों में शामिल रहेगा।
शंकर नगर के BTI मैदान में भी दशहरा उत्सव
शंकर नगर स्थित BTI मैदान में भी दशहरा उत्सव आयोजित किया जाएगा। यहां स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम की तैयारियां की गई हैं। रावण दहन और अन्य धार्मिक गतिविधियों के जरिए लोग त्योहार मनाएंगे।
रायपुर में अलग-अलग स्थानों पर आयोजन होने से लोगों को अपने आसपास के मैदानों में दशहरा उत्सव देखने का अवसर मिलेगा। हालांकि, कार्यक्रम में शामिल होने से पहले आयोजन समिति से समय और प्रवेश से जुड़ी जानकारी की पुष्टि करना उपयोगी रहेगा।
विजयादशमी पर रायपुर पुलिस करेगी शस्त्र पूजा
दशहरा केवल रावण दहन तक सीमित नहीं है। इस अवसर पर रायपुर पुलिस भी अपनी परंपरा के अनुसार शस्त्र पूजा करेगी। पुलिस लाइन में सुबह अस्त्र-शस्त्रों की पूजा का आयोजन किया जाएगा।
दशहरे पर शस्त्र पूजा पुलिस विभाग की पारंपरिक गतिविधियों में शामिल है। इस दौरान विभाग के अस्त्र-शस्त्रों की पूजा कर परंपरा निभाई जाती है।
Raipur Dussehra 2026: धर्म और परंपरा का पर्व
विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम ने इसी दिन रावण का वध किया था। रावण दहन इसी परंपरा को याद करने का प्रतीकात्मक आयोजन है।
रायपुर में WRS कॉलोनी, रावणभाठा, बूढ़ापारा और शंकर नगर समेत विभिन्न स्थानों पर होने वाले कार्यक्रमों के जरिए लोग इस पर्व को धार्मिक आस्था और उत्साह के साथ मनाएंगे।
इस बार WRS मैदान में 101 फीट ऊंचे रावण का दहन प्रमुख आकर्षण रहेगा। वहीं, दूसरे मैदानों में भी स्थानीय स्तर पर आयोजन होंगे। दशहरा उत्सव के दौरान लोगों की सुविधा, भीड़ का प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण रहेगी।
Raipur Dussehra 2026 के अवसर पर राजधानी में होने वाले ये आयोजन धार्मिक परंपरा के साथ शहर की सांस्कृतिक गतिविधियों को भी सामने लाएंगे। लोग अपने नजदीकी आयोजन स्थल की जानकारी लेकर परिवार के साथ विजयादशमी का पर्व मना सकेंगे।