Bastar Naxal News: छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के बीच सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। सुकमा जिले के कुकानार थाना क्षेत्र के दुमनपारा और जोंगेरास के दुर्गम जंगल-पहाड़ी इलाके में छिपाकर रखी गई विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार, इस डंप से दो टिफिन आईईडी, जिलेटिन रॉड, डेटोनेटर, कारतूस, वायरलेस उपकरण और अन्य सामग्री मिली है।
यह कार्रवाई आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिली सूचना के आधार पर की गई। जिला बल, जिला रिजर्व गार्ड (DRG) और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम ने इलाके में सर्चिंग और एरिया डोमिनेशन अभियान चलाया। तलाशी के दौरान जंगल में छिपाकर रखी गई सामग्री का पता चला।
पुलिस के मुताबिक, इस बरामदगी से नक्सलियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले एक छिपे हुए ठिकाने का पता लगाने में मदद मिली है। सुरक्षा बलों का अभियान दुर्गम इलाकों में जारी है, ताकि विस्फोटकों और अन्य संदिग्ध सामग्री से संभावित खतरे को कम किया जा सके।
सुकमा के दुर्गम जंगलों में चलाया गया सर्चिंग अभियान

Bastar Naxal News: पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 27 अक्टूबर को आत्मसमर्पित नक्सलियों से प्राप्त सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने कुकानार थाना क्षेत्र के दुमनपारा और जोंगेरास के जंगल-पहाड़ी इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया था।
यह इलाका दुर्गम होने के कारण सुरक्षा बलों के लिए सर्चिंग के दौरान विशेष सतर्कता बरतना जरूरी था। टीम ने क्षेत्र में एरिया डोमिनेशन अभियान चलाते हुए संभावित ठिकानों की जांच की। इसी दौरान पहले से छिपाकर रखी गई विस्फोटक सामग्री और नक्सली गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए।
इस अभियान में जिला बल, डीआरजी और बस्तर फाइटर्स के जवान शामिल थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिली जानकारी नक्सल विरोधी अभियानों में उपयोगी साबित हो रही है। इससे जंगलों में छिपाकर रखे गए डंप और संदिग्ध ठिकानों की पहचान करने में सहायता मिल सकती है।
दो टिफिन आईईडी समेत बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद

Bastar Naxal News: सुकमा नक्सली डंप बरामदगी में मिली सामग्री में दो टिफिन आईईडी प्रमुख हैं। पुलिस के मुताबिक, इनमें एक पांच किलोग्राम और दूसरा तीन किलोग्राम का बताया गया है। इसके अलावा बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, कारतूस और संचार उपकरण भी मिले हैं।
Bastar Naxal News: पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बरामद सामग्री में शामिल हैं:
- पांच और तीन किलोग्राम के दो टिफिन आईईडी।
- 315 बोर के 14 जिंदा कारतूस।
- 14 जिलेटिन रॉड।
- 80 नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर।
- करीब 30 मीटर कॉर्डेक्स वायर।
- लगभग 15 मीटर सेफ्टी फ्यूज।
- करीब 100 मीटर इलेक्ट्रिक वायर।
- सात बड़े और सात छोटे बीजीएल कारतूस।
- वायरलेस सेट से जुड़े उपकरण, बैटरियां और चार्जर।
- बीजीएल सेल निप्पल और डीसी चार्जर।
- मैगजीन पाउच, वर्दी और नीले रंग का प्लास्टिक कंटेनर।
इसके अलावा अन्य सामग्री भी बरामद होने की जानकारी दी गई है। पुलिस के अनुसार, डंप में विस्फोटकों के साथ संचार और अन्य उपयोगी उपकरण रखे गए थे।
आत्मसमर्पित नक्सलियों की सूचना पर हुई कार्रवाई

Bastar Naxal News: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज तिर्की के अनुसार, आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिली जानकारी के आधार पर सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने यह अभियान चलाया। सूचना के बाद संबंधित इलाके में तलाशी की गई, जिसमें छिपाकर रखी गई सामग्री बरामद हुई।
नक्सल विरोधी अभियानों में जंगलों के भीतर छिपाए गए हथियारों, विस्फोटकों और अन्य सामग्री का पता लगाना सुरक्षा बलों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसी सामग्री की बरामदगी से संभावित हिंसक घटनाओं में इनके इस्तेमाल का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है।
पुलिस का कहना है कि नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार सर्चिंग और एरिया डोमिनेशन अभियान चलाए जा रहे हैं। इन अभियानों के तहत संदिग्ध स्थानों की जांच की जाती है और खुफिया सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की जाती है।
नक्सल विरोधी अभियान में संयुक्त टीम की भूमिका
Bastar Naxal News: बस्तर क्षेत्र के दुर्गम जंगलों में अभियान चलाने के लिए सुरक्षा बलों की अलग-अलग इकाइयां संयुक्त रूप से काम करती हैं। इस कार्रवाई में जिला बल, डीआरजी और बस्तर फाइटर्स की टीम शामिल रही।
संयुक्त अभियान के दौरान स्थानीय जानकारी, खुफिया सूचनाओं और क्षेत्र की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तलाशी की जाती है। सुकमा के कुकानार थाना क्षेत्र में हुई इस बरामदगी में भी आत्मसमर्पित नक्सलियों से प्राप्त सूचना कार्रवाई का आधार बनी।
पुलिस के अनुसार, जंगलों में छिपाकर रखी गई विस्फोटक सामग्री की बरामदगी नक्सल विरोधी अभियान का अहम हिस्सा है। इससे सुरक्षा बलों और स्थानीय नागरिकों के लिए संभावित खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है।
इलाके में सर्चिंग और एरिया डोमिनेशन अभियान जारी
Bastar Naxal News: विस्फोटक सामग्री बरामद होने के बाद संबंधित क्षेत्र में सुरक्षा गतिविधियों और तलाशी अभियानों का महत्व बना हुआ है। पुलिस के मुताबिक, नक्सल प्रभावित इलाकों में संदिग्ध ठिकानों की पहचान करने और छिपाई गई सामग्री का पता लगाने के लिए अभियान जारी रहेंगे।
दुमनपारा और जोंगेरास जैसे दुर्गम जंगल-पहाड़ी इलाकों में तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों को सावधानी बरतनी पड़ती है। ऐसे क्षेत्रों में छिपाए गए विस्फोटक और अन्य सामग्री आम लोगों के साथ-साथ अभियान में शामिल जवानों के लिए भी खतरा पैदा कर सकते हैं।
बरामद विस्फोटकों को सुरक्षित तरीके से संभालना और उनकी जांच करना भी कार्रवाई का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पुलिस की ओर से उपलब्ध जानकारी के अनुसार, संयुक्त टीम ने डंप से मिली सामग्री बरामद की है। सामग्री की प्रकृति और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की पुष्टि आधिकारिक जांच के आधार पर की जानी चाहिए।
सुकमा में बरामदगी से नक्सल गतिविधियों पर कार्रवाई को मिली मजबूती
सुकमा जिले के जंगलों में हुई इस कार्रवाई में दो टिफिन आईईडी, 14 जिलेटिन रॉड, 80 डेटोनेटर, कारतूस और संचार उपकरण समेत बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिली सूचना के आधार पर जिला बल, डीआरजी और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम ने यह अभियान चलाया।
Bastar Naxal News: सुकमा नक्सली डंप बरामद होने की यह कार्रवाई बस्तर क्षेत्र में जारी नक्सल विरोधी अभियानों का हिस्सा है। सुरक्षा बलों की ओर से दुर्गम इलाकों में सर्चिंग और एरिया डोमिनेशन अभियान जारी रखने की बात कही गई है। बरामद सामग्री को लेकर विस्तृत जानकारी के लिए पुलिस की आधिकारिक सूचना को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।