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Anganwadi Protest in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं कम मानदेय तथा बढ़ती जिम्मेदारियों के विरोध में अब निर्णायक आंदोलन की तैयारी में हैं। Chhattisgarh Pradesh Anganwadi Mahila Karyakarta Sahayika Sangh के आह्वान पर प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। संघ ने 9 मार्च 2026 को राजधानी Raipur में महापड़ाव और विधानसभा घेराव की घोषणा की है।
संघ ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्रियों को ज्ञापन सौंपकर लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय की मांग की है। संगठन का कहना है कि यदि सरकार ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
जिला अध्यक्ष दुलारी धाम ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पोषण आहार वितरण, टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, प्री-स्कूल शिक्षा और चुनाव ड्यूटी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी निभाती हैं। इसके बावजूद उन्हें न तो शासकीय कर्मचारी का दर्जा मिला है और न ही सम्मानजनक मानदेय।
संघ के अनुसार वर्तमान में कार्यकर्ताओं को 6,000 रुपये और सहायिकाओं को 2,210 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है, जो बढ़ती महंगाई के बीच अपर्याप्त है। संगठन की मांग है कि कार्यकर्ताओं को 26,000 रुपये और सहायिकाओं को 22,100 रुपये मासिक मानदेय दिया जाए, साथ ही पेंशन, बीमा और स्वास्थ्य सुरक्षा जैसी सुविधाएं लागू की जाएं।
संघ ने 26 और 27 फरवरी 2026 को प्रदेशभर में आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखकर कार्य बहिष्कार करने का ऐलान किया है। इसके बाद 9 मार्च से रायपुर में लगभग एक लाख कार्यकर्ता और सहायिकाएं अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करेंगी। बजट 2026-27 में मांगों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जिलों में बैठकें और तैयारी तेज कर दी गई है।