Baby Monkey Punch: मां ने छोड़ा तो खिलौने से लिपटा रहा ‘पंच’, अब मिली नई मां और बदली जिंदगी

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Baby Monkey Punch: Ichikawa शहर के एक चिड़ियाघर में रहने वाला ‘पंच’ नाम का नन्हा बंदर इन दिनों लोगों की भावनाओं को छू रहा है। जन्म के कुछ ही दिनों बाद उसकी मां ने उसे छोड़ दिया था। चिड़ियाघर के कर्मचारियों ने बोतल से दूध पिलाकर उसकी जान तो बचा ली, लेकिन मां के स्नेह के बिना वह अकेलापन महसूस कर रहा था।

पंच अभी लगभग आठ महीने का है। 26 जुलाई 2025 को जन्मे इस बेबी मंकी को मां का स्पर्श नहीं मिला। उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए स्टाफ ने उसे एक भूरे रंग का रुई से भरा बंदर जैसा खिलौना दे दिया। पंच ने उसी खिलौने को अपनी मां मान लिया। वह उसे गले लगाकर रखता, उसके पीछे छिपता और उसी के साथ सोता था।

जब पंच की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, तो लोग भावुक हो उठे। कई बार उसे दूसरे बंदरों के साथ मिलाने की कोशिश की गई, लेकिन शुरू में उसे दुत्कार का सामना करना पड़ा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यवहार मनोवैज्ञानिक रूप से स्वाभाविक है। 1950 के दशक में प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक Harry Harlow ने अपने अध्ययन में बताया था कि बंदर के बच्चों के लिए भोजन से ज्यादा जरूरी ‘ममता और स्पर्श’ होता है। पंच के लिए वह एहसास उसका खिलौना बन गया था।

हालांकि अब कहानी ने सुखद मोड़ ले लिया है। हाल ही में एक मादा बंदर ने पंच को अपनाना शुरू कर दिया है। वीडियो में वह उसे दुलारती और अपने पास रखती नजर आई। अब पंच खिलौने के बजाय असली मां के स्नेह में पल रहा है और दूसरे बंदरों के साथ घुलमिल गया है।

जिस नन्हे बंदर ने जीवन की शुरुआत अकेलेपन से की थी, उसे आखिरकार एक परिवार मिल गया है।

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