BJP Neta Shubham Singh Viral Video: छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से जुड़े एक नेता का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है।
वायरल वीडियो में भाजपा नेता शुभम सिंह कुछ लोगों के साथ जुआ खेलते हुए दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो एक रील के रूप में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया था। वीडियो के साथ लिखा गया कैप्शन भी लोगों का ध्यान खींच रहा है, जिसमें लिखा है – “हमारा दबदबा है, कोई हाथ नहीं लगा सकता।”
भाजपा हसदेव मंडल में सोशल मीडिया संयोजक हैं शुभम सिंह
मिली जानकारी के अनुसार शुभम सिंह भाजपा के हसदेव मंडल में सोशल मीडिया संयोजक के पद पर कार्यरत हैं। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे पार्टी की छवि से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कई लोग इस मामले में कार्रवाई की मांग भी कर रहे हैं।
हालांकि इस पूरे मामले को लेकर अभी तक पार्टी या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन स्थानीय स्तर पर इस वीडियो को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले ऐसे वीडियो अक्सर विवाद खड़ा कर देते हैं और इससे नेताओं की छवि पर भी असर पड़ सकता है।
छत्तीसगढ़ में सामने आ रहे अन्य विवादित मामले
इधर छत्तीसगढ़ में हाल के दिनों में कई विवादित मामले सामने आए हैं। बलरामपुर जिले में अवैध अफीम की खेती का बड़ा मामला उजागर हुआ था। जानकारी के मुताबिक जिले के खजुरी पंचायत के तुर्रीपनी गांव में लगभग 2.5 से 3 एकड़ जमीन पर अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही थी।
सूचना मिलने के बाद पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। टीम ने खेत में लगी अफीम की फसल को जब्त करने की कार्रवाई भी की। अधिकारियों के अनुसार अफीम के पौधों पर डोडा पक चुका था और उन पर चीरा लगाया जा चुका था, जिससे साफ है कि अफीम का लेटेक्स निकालने की तैयारी चल रही थी।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह जमीन एक स्थानीय आदिवासी की है, जिसे झारखंड के एक व्यक्ति ने लीज पर लिया था। फिलहाल पुलिस और प्रशासन यह पता लगाने में जुटे हैं कि इस अवैध खेती के पीछे किन लोगों का हाथ है।
इसी तरह दुर्ग जिले में भी अफीम से जुड़े मामले की जांच के दौरान नए खुलासे सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि एक आरोपी भाजपा नेता ने यूट्यूब से अफीम की खेती सीखकर यह काम शुरू किया था, जबकि एक अन्य आरोपी का राजस्थान में अफीम बेचने का पुराना रिकॉर्ड भी सामने आया है।
इन घटनाओं के बाद यह सवाल उठने लगा है कि धान के कटोरे के रूप में पहचाने जाने वाले छत्तीसगढ़ में कहीं अफीम तस्करी का नेटवर्क तो नहीं फैल रहा है। प्रशासन अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि प्रदेश में और किन जगहों पर इस तरह की अवैध खेती हो सकती है।