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Chhattisgarh Virtual Court: छत्तीसगढ़ में ट्रैफिक चालान मामलों के लिए वर्चुअल कोर्ट शुरू, अब ऑनलाइन होगी सुनवाई

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Chhattisgarh Virtual Court: छत्तीसगढ़ में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब इन मामलों की सुनवाई वर्चुअल कोर्ट के जरिए ऑनलाइन की जाएगी। इस नई प्रणाली के लागू होने से लोगों को ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों के लिए कोर्ट-कचहरी के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी हो सकेगी।

पांच संभागों में शुरू हुई वर्चुअल कोर्ट व्यवस्था

राज्य के Bastar Division, Bilaspur Division, Durg Division, Raipur Division और Surguja Division में वर्चुअल कोर्ट की शुरुआत कर दी गई है। इन अदालतों में ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों की सुनवाई ऑनलाइन माध्यम से की जाएगी। इस संबंध में Chhattisgarh High Court के रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव ने आदेश जारी करते हुए व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करने की जानकारी दी है।

CJM को बनाया गया वर्चुअल कोर्ट का जज

हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार जगदलपुर, बिलासपुर, दुर्ग, रायपुर और अंबिकापुर के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) को वर्चुअल कोर्ट का जज नामित किया गया है। ये अधिकारी अपने नियमित न्यायिक कार्यों के साथ-साथ ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों की सुनवाई भी करेंगे। इस व्यवस्था के लागू होने से अब लोगों को अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी और मामलों का निपटारा ऑनलाइन ही किया जा सकेगा।

अलग-अलग संभागों के जिलों की होगी ऑनलाइन सुनवाई

बिलासपुर संभाग के तहत बिलासपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, जांजगीर-चांपा, सक्ती, कोरबा, मुंगेली, रायगढ़ और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों के ट्रैफिक चालान मामलों की सुनवाई बिलासपुर के CJM द्वारा की जाएगी।

वहीं बस्तर और दुर्ग संभाग के अंतर्गत बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर और सुकमा जिलों के साथ दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम, राजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों के मामलों की सुनवाई जगदलपुर के CJM करेंगे।

इसके अलावा सरगुजा संभाग के अंतर्गत सरगुजा, बलरामपुर-रामानुजगंज, जशपुर, कोरिया, सूरजपुर और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिलों के ट्रैफिक मामलों की सुनवाई अंबिकापुर के CJM द्वारा ऑनलाइन की जाएगी।

नई व्यवस्था से ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों का निपटारा तेज और आसान होने की उम्मीद है।