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West Bengal Elections 2026: शून्य से सियासी सफर, बंगाल में अकेले दम पर वापसी की तैयारी में कांग्रेस

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West Bengal Elections 2026: बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सत्ताधारी All India Trinamool Congress और मुख्य विपक्षी Bharatiya Janata Party अपनी रणनीति मजबूत कर रहे हैं। इसी बीच Indian National Congress करीब दो दशक बाद अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी में है।

2021 में सबसे खराब प्रदर्शन

2021 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस वाम दलों के साथ गठबंधन में उतरी थी, लेकिन पार्टी का खाता तक नहीं खुला। आजादी के बाद यह पहला मौका था जब बंगाल में कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत सकी। यह परिणाम पार्टी के लिए बड़ा झटका था।

राज्य में शून्य विधायक, लोकसभा से उम्मीद

फिलहाल बंगाल विधानसभा में कांग्रेस का एक भी विधायक नहीं है। हालांकि 2024 लोकसभा चुनाव में मालदा दक्षिण से पार्टी को जीत मिली। पार्टी अब उसी आधार पर विधानसभा चुनाव में वापसी की रणनीति बना रही है।

द्विध्रुवीय राजनीति सबसे बड़ी चुनौती

2021 में तृणमूल कांग्रेस ने 294 में से 213 सीटें जीतीं, जबकि भाजपा 77 सीटों के साथ मुख्य विपक्षी दल बनकर उभरी। ऐसे में राज्य की राजनीति दो ध्रुवों में सिमट चुकी है। कांग्रेस को इस ध्रुवीकरण को तोड़ना बड़ी चुनौती होगी।

मुस्लिम वोट बैंक पर नजर

मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे जिलों में मुस्लिम आबादी निर्णायक भूमिका निभाती है। कांग्रेस को अपने पारंपरिक समर्थन को फिर से हासिल करना होगा, जो पिछले वर्षों में तृणमूल की ओर झुक गया था।

जमीनी मुद्दों पर फोकस

पार्टी बेरोजगारी, गंगा कटाव और स्थानीय विकास जैसे मुद्दों को चुनावी एजेंडा बना रही है। कांग्रेस का मानना है कि जमीनी सवालों के जरिए वह जनता के बीच अपनी पहचान दोबारा स्थापित कर सकती है।