India Bangladesh Diesel Supply: देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और आम लोगों की जेब पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। इसी बीच India Bangladesh Diesel Supply को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। जानकारी के अनुसार भारत अपने पड़ोसी देश बांग्लादेश को 5 हजार टन डीजल भेज रहा है।
यह डीजल भारत-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन के माध्यम से भेजा जा रहा है। बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉरपोरेशन ने इसकी पुष्टि की है और बताया है कि असम के नुमालीगढ़ रिफाइनरी से यह डीजल पाइपलाइन के जरिए दिनाजपुर स्थित पारबतीपुर डिपो तक पहुंचाया जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया को पूरा होने में लगभग 45 घंटे लग सकते हैं।
दीर्घकालिक समझौते का हिस्सा
भारत और बांग्लादेश के बीच ऊर्जा क्षेत्र में लंबे समय से सहयोग रहा है। इसी के तहत भारत हर साल करीब 1.8 लाख टन डीजल बांग्लादेश को सप्लाई करता है। मौजूदा 5000 टन की आपूर्ति भी उसी वार्षिक समझौते का हिस्सा है।
भारतीय उच्चायुक्त ने भी कहा है कि बांग्लादेश भारत का करीबी मित्र देश है और उसकी प्रगति के लिए भारत हर संभव मदद करना चाहता है।
वैश्विक संकट का असर
मिडिल ईस्ट में इजरायल-ईरान संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। इसका असर कई देशों पर पड़ा है और बांग्लादेश में भी ईंधन संकट गहरा गया है। वहां सरकार को पेट्रोल और डीजल की सीमित बिक्री यानी राशनिंग तक करनी पड़ रही है।
आम आदमी के सवाल
हालांकि देश में कई लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि जब भारत में ही पेट्रोल-डीजल महंगा हो रहा है और महंगाई बढ़ती जा रही है, तो ऐसे समय में पड़ोसी देश को ईंधन भेजने का फैसला कितना सही है।
India Bangladesh Diesel Supply को लेकर अब यह बहस तेज हो गई है कि क्या अंतरराष्ट्रीय समझौतों के साथ-साथ सरकार को घरेलू आर्थिक हालात को भी ज्यादा प्राथमिकता देनी चाहिए।