Irene Montero War Statement: युद्ध जैसे बड़े फैसले अक्सर उन कमरों में लिए जाते हैं, जहां न गोलियों की आवाज होती है और न ही किसी अपने को खोने का डर। इसी सच्चाई को उजागर करते हुए स्पेन की सांसद आइरीन मोंटेरो ने यूरोपीय संसद में तीखा बयान दिया है, जो अब तेजी से चर्चा में है।
उन्होंने कहा कि युद्ध का फैसला करना आसान है, क्योंकि इसमें जान किसी और के बेटे की जाती है, न कि उन नेताओं की जो ऐसे फैसले लेते हैं।
ट्रंप पर सीधा हमला
आइरीन मोंटेरो ने अपने बयान में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर किसी नेता को युद्ध का इतना ही शौक है, तो उसे खुद मैदान में उतरना चाहिए और अपने बच्चों को भी सीमा पर भेजना चाहिए।
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है।
“युद्ध में मरते हैं गरीबों के बेटे”
उन्होंने अपने भाषण में कहा कि इतिहास गवाह है—हर युद्ध में सबसे ज्यादा जानें गरीब परिवारों के युवाओं की जाती हैं। सत्ता में बैठे लोग ‘राष्ट्रहित’ का नाम लेते हैं, लेकिन असल में उसका बोझ आम लोगों को उठाना पड़ता है।
उनका यह भी कहना था कि अगर हर नेता को अपने परिवार से किसी एक को युद्ध में भेजना पड़े, तो दुनिया के ज्यादातर विवाद बातचीत से ही सुलझ जाएंगे।
बयान बना आम लोगों की आवाज
आइरीन मोंटेरो का यह बयान सिर्फ एक राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि उन लोगों की भावनाओं को दर्शाता है जो युद्ध के खिलाफ हैं और शांति चाहते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि दूसरों के बच्चों को मौत के मुंह में भेजना बहादुरी नहीं, बल्कि सबसे बड़ी कायरता है।
सवाल जो सोचने पर मजबूर करता है
उनके इस बयान ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है, क्या युद्ध का फैसला लेने वालों को खुद भी उसकी कीमत चुकानी चाहिए?