/ Feb 09, 2026
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मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के समग्र विकास के लिए शिक्षा और कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। हाल के दिनों में सरकार द्वारा की गई घोषणाओं से यह साफ हो गया है कि आने वाले वर्षों में इन दोनों क्षेत्रों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
राज्य के सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्मार्ट क्लास, ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन कंटेंट उपलब्ध कराया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को भी आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए टैबलेट और डिजिटल संसाधन देने की योजना पर काम चल रहा है। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे छात्रों की सीखने की क्षमता में सुधार होगा और ड्रॉपआउट रेट में कमी आएगी।
वहीं दूसरी ओर, कृषि क्षेत्र में किसानों की आय बढ़ाने के लिए फसल बीमा, सिंचाई परियोजनाएं और आधुनिक खेती के तरीकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार द्वारा नई सिंचाई नहरों और जल संरक्षण योजनाओं पर निवेश किया जा रहा है, जिससे सूखा प्रभावित क्षेत्रों को राहत मिल सके।
किसानों को मंडियों में बेहतर दाम दिलाने के लिए ई-नाम और डिजिटल प्लेटफॉर्म को मजबूत किया जा रहा है। इसके अलावा, जैविक खेती और प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं।
हालांकि, कुछ किसान संगठनों का कहना है कि योजनाओं का लाभ सभी किसानों तक समान रूप से नहीं पहुंच पा रहा है। उनका सुझाव है कि स्थानीय स्तर पर निगरानी और जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि शिक्षा और कृषि सुधार योजनाएं प्रभावी रूप से लागू होती हैं, तो मध्य प्रदेश आने वाले वर्षों में एक मजबूत विकास मॉडल बन सकता है।
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