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Maoist Leader Ganapathi Arrested: माओवादी संगठन से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। संगठन के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाने वाले और पोलित ब्यूरो सदस्य गणपति के नेपाल में गिरफ्तार होने की खबर सामने आई है। गणपति को माओवादी संगठन का ‘ब्रेन’ माना जाता रहा है और उनकी गिरफ्तारी को नक्सली नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार गणपति वर्ष 2004 से 2018 तक माओवादी संगठन की सेंट्रल कमेटी के महासचिव रहे। इस दौरान उन्होंने संगठन की रणनीति और गतिविधियों को लंबे समय तक संचालित किया। उन्हें नक्सली संगठन के सबसे वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता था।
बताया जाता है कि वर्ष 2018 में बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण गणपति ने महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद संगठन की कमान नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू को सौंप दी गई थी, जिन्होंने आगे संगठन की गतिविधियों को संभाला।
गणपति लगभग चार दशकों तक अंडरग्राउंड रहकर माओवादी गतिविधियों को संचालित करते रहे। संगठन के भीतर उन्हें वैचारिक और रणनीतिक स्तर पर बेहद मजबूत नेता माना जाता रहा है। लंबे समय तक उन्होंने संगठन की नीतियों और रणनीतियों को दिशा देने का काम किया।
इधर छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र से भी एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। जानकारी के मुताबिक पूर्वी बस्तर डिवीजन कमेटी के करीब 15 नक्सली आत्मसमर्पण करने की तैयारी में हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी डीवीसीएम स्तर के नक्सली हैं और अपने साथ हथियार भी लेकर पहुंचे हैं।
सूत्रों के अनुसार आत्मसमर्पण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक-दो दिन के भीतर पुलिस इन नक्सलियों को मीडिया के सामने पेश कर सकती है। इसे बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही कार्रवाई में बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है।