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Soumya Chaurasia Bail: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में बड़ी खबर सामने आई है। आरोपी सौम्या चौरसिया को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय से सशर्त जमानत मिल गई है। हाईकोर्ट ने मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश जारी किया। इससे पहले अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे बाद में सुनाया गया।
जानकारी के मुताबिक, इस मामले में सुनवाई तेज करने के निर्देश सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए थे। शीर्ष अदालत ने दो सप्ताह के भीतर सुनवाई पूरी करने को कहा था। इसके बाद हाईकोर्ट ने तय समयसीमा में सुनवाई पूरी की और जमानत पर फैसला सुनाया।
सौम्या चौरसिया की ओर से दायर याचिका में गिरफ्तारी और जांच प्रक्रिया को चुनौती दी गई थी। बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि इस मामले के अन्य सह-आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। ऐसे में समानता के आधार पर उन्हें भी राहत दी जानी चाहिए। अदालत ने इस तर्क पर विचार करते हुए सशर्त जमानत मंजूर कर ली। हालांकि कोर्ट ने साफ किया कि जमानत की शर्तों का सख्ती से पालन करना होगा और मामले की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी।
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में करीब 3200 करोड़ रुपये से ज्यादा के घोटाले का खुलासा होने का दावा किया गया था। जांच के बाद एजेंसी ने एसीबी में एफआईआर दर्ज कराई थी।
ईडी की जांच में कई बड़े नाम सामने आए थे। एजेंसी के मुताबिक, तत्कालीन सरकार के कार्यकाल में कुछ अफसरों और कारोबारियों के कथित सिंडिकेट के जरिए इस घोटाले को अंजाम दिया गया। जांच में आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के नाम सामने आए थे। एजेंसी ने यह भी दावा किया था कि इस पूरे नेटवर्क में चैतन्य बघेल की अहम भूमिका थी और बड़ी रकम का प्रबंधन उनके जरिए किया गया।
फिलहाल सौम्या चौरसिया को मिली जमानत से मामले में नया मोड़ आ गया है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी और अंतिम फैसला अदालत में ही होगा।