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T20 World Cup 2026, India vs Zimbabwe: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत का अभियान अब बेहद नाजुक मोड़ पर पहुंच चुका है। सुपर-8 में साउथ अफ्रीका से मिली हार के बाद टीम को सेमीफाइनल में बने रहने के लिए सिर्फ जीत नहीं, बल्कि बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी। 26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाला मैच भारत के लिए अब ‘मैथमेटिकल सर्वाइवल टेस्ट’ बन गया है।
भारतीय टीम का नेट रन रेट साउथ अफ्रीका से मिली हार के कारण -3.800 तक गिर गया है, जबकि वेस्टइंडीज (+5.350) और साउथ अफ्रीका (+3.800) बेहतर स्थिति में हैं। ऐसे में अगर तीनों टीमें समान अंकों पर पहुंचती हैं, तो फैसला नेट रन रेट से होगा। भारत को सेमीफाइनल की राह पर बनाए रखने के लिए जिम्बाब्वे के खिलाफ 100 या उससे अधिक रन की जीत दर्ज करना जरूरी है। उदाहरण के लिए, अगर भारत पहले बल्लेबाजी करते हुए 220 रन बनाता है, तो विपक्ष को 120 या उससे कम पर रोकना होगा। साधारण जीत अब पर्याप्त नहीं है, टीम को मैच पूरी तरह डॉमिनेट करना होगा।
अगर जिम्बाब्वे पहले बैटिंग करता है और टारगेट देता है, तो भारत को तेज़ चेज करनी होगी। नेट रन रेट सुधारने के लिए टीम को 150-160 रन का टारगेट लगभग 11-12 ओवर में हासिल करना होगा। सामान्य रूप से, भारत को हर हाल में 100+ रनों के अंतर से जीत दर्ज करनी होगी।
सुपर-8 में लगातार विफलताओं के बाद ओपनिंग कॉम्बिनेशन पर सवाल उठ रहे हैं। टीम मैनेजमेंट पावरप्ले में 70+ रन के आक्रामक लक्ष्य पर विचार कर रहा है। एमए चिदंबरम स्टेडियम की पिच पारंपरिक रूप से स्पिनरों के लिए मददगार है, इसलिए भारत तीन मुख्य स्पिनरों – कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल – के साथ उतर सकता है। रणनीति स्पष्ट है: पहले बड़ा स्कोर बनाएं और फिर स्पिन जाल में विपक्ष को जल्दी समेटें।
अगर भारत अपने दोनों बचे हुए मैच जीत लेता है, तो उसके चार अंक हो जाएंगे, जो सामान्य परिस्थितियों में सेमीफाइनल के लिए पर्याप्त होंगे। लेकिन अगर साउथ अफ्रीका और वेस्टइंडीज/जिम्बाब्वे भी अच्छे प्रदर्शन करते हैं, तो तीनों टीमें चार अंकों पर आ सकती हैं और फैसला नेट रन रेट से होगा। अगर भारत सिर्फ एक मैच जीतता है, तो उसे साउथ अफ्रीका के बाकी मैच जीतने की उम्मीद करनी होगी और अपनी एकमात्र जीत वेस्टइंडीज या जिम्बाब्वे के बीच विजेता के खिलाफ हासिल करनी होगी।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के लिए अब हर मैच नॉकआउट जैसा बन गया है। जीत सिर्फ जीत नहीं, बल्कि बड़े अंतर और आक्रामक रणनीति के साथ ही टीम को सेमीफाइनल की उम्मीद बचा सकती है।