The End of Naxalism: छत्तीसगढ़ के Bastar Division में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। देश से नक्सलवाद को खत्म करने के लक्ष्य के तहत लगातार बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah द्वारा मार्च 2026 तक नक्सलवाद के सफाए का लक्ष्य तय किए जाने के बाद से इलाके में अभियान और भी तेज हो गया है। सुरक्षा बल उत्तर और दक्षिण बस्तर के घने जंगलों, Abujhmad और नेशनल पार्क क्षेत्र के कोर इलाकों में लगातार ऑपरेशन चला रहे हैं।
50 नक्सली सुरक्षा एजेंसियों की हिट लिस्ट में
सुरक्षा एजेंसियों की हिट लिस्ट में करीब 50 नक्सलियों के नाम बताए जा रहे हैं। इनमें आठ वर्दीधारी टॉप कमांडर भी शामिल हैं। सुरक्षा बल इन सभी की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और उन्हें पकड़ने या आत्मसमर्पण के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
सरेंडर के लिए लगातार की जा रही अपील
सुरक्षा एजेंसियां इन नक्सलियों से लगातार आत्मसमर्पण करने की अपील कर रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक अब उनके पास सरेंडर करने के लिए केवल 17 दिन का समय बचा है।
फोर्स का कहना है कि यदि तय समय सीमा के भीतर नक्सली आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि मुख्यधारा में लौटने का यह उनके लिए अहम और संभवतः अंतिम मौका हो सकता है।
कई बड़े इनामी नक्सली भी सूची में
सुरक्षा बलों की सूची में कई बड़े इनामी नक्सली भी शामिल बताए जा रहे हैं। इनमें 40-40 लाख रुपये के इनामी पापाराव कुड़म उर्फ सुन्नम चंदैरया उर्फ मंगू दादा उर्फ चन्द्रना और केसा सोढ़ी के नाम प्रमुख हैं।
इसके अलावा 8-8 लाख रुपये के इनामी हेमला विज्जा और चंदर कतलाम भी सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर हैं। वहीं 5-5 लाख रुपये के इनामी किशोर उर्फ आयतु डोडी, विजय रेड्डी, मगेंश परचापी उर्फ सोमलू और मनीषा कोर्राम समेत कई अन्य नक्सलियों के नाम भी सूची में शामिल बताए जा रहे हैं।
समय सीमा के बाद तेज हो सकता है अभियान
सुरक्षा बलों के अधिकारियों के अनुसार सभी नक्सलियों से संपर्क कर उन्हें सरेंडर के लिए समझाया जा रहा है। लेकिन अगर तय समय सीमा के भीतर वे आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा सकता है।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि बस्तर में नक्सलवाद को खत्म करने के लिए लगातार रणनीति के तहत ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं और आगे भी यह अभियान जारी रहेगा।