Chhattisgarh Congress Protest: छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को रसोई गैस की कथित किल्लत को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हुए सरकार को घेरा। हालांकि सभापति ने चर्चा की अनुमति नहीं दी, जिसके बाद कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए आसन के सामने पहुंच गए। इस दौरान सदन का माहौल काफी गरम हो गया।
30 कांग्रेस विधायक निलंबित
हंगामे के बीच जब कांग्रेस विधायक आसन के करीब पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने लगे, तो नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए सभापति ने कांग्रेस के 30 विधायकों को निलंबित कर दिया। हालांकि कुछ ही देर बाद उनका निलंबन रद्द भी कर दिया गया और सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई।
महंत ने उठाया गैस किल्लत का मुद्दा
शून्यकाल के दौरान विपक्ष के नेता Charan Das Mahant ने कहा कि राज्य में रसोई गैस सिलेंडर की कमी की शिकायतें मिल रही हैं और लाखों उपभोक्ता परेशान हैं। उन्होंने कहा कि पहले मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने भरोसा दिलाया था कि प्रदेश में गैस की कोई कमी नहीं होगी, लेकिन बाद में कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई।
भूपेश बघेल ने सरकार को घेरा
इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि भले ही एलपीजी की आपूर्ति केंद्र सरकार के अधीन आती हो, लेकिन कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है।
बघेल ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का असर देश के कई हिस्सों में दिखाई दे रहा है और कई राज्यों में गैस की कमी की खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि वाणिज्यिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने से बड़े शहरों में कई होटल और रेस्टोरेंट तक बंद हो गए हैं।
सरकार से मांगी जानकारी
विपक्ष ने सरकार से यह भी मांग की कि प्रदेश में घरेलू और वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर के भंडारण और आपूर्ति की स्थिति स्पष्ट की जाए। साथ ही कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं, इसकी जानकारी भी सदन में दी जाए।
हालांकि सभापति ने यह कहते हुए स्थगन प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया कि यह मामला केंद्र सरकार से जुड़ा हुआ है।