Khairagarh Food Safety Action: खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कई दुकानों, होटलों और ढाबों में छापेमारी की। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद विभाग की टीम ने जिले के अलग-अलग इलाकों में जांच अभियान चलाया, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इस कार्रवाई से व्यापारियों में हड़कंप मच गया।
होटल और ढाबों में मिली गड़बड़ी
जांच के दौरान अधिकारियों ने मेसर्स नटराज हाईवे होटल एवं ढाबा में खराब गुणवत्ता का पनीर पाया। वहीं मेसर्स सिन्हा होटल में ग्राहकों को घटिया स्तर का पेड़ा परोसा जा रहा था। खाद्य विभाग ने इसे गंभीर मामला मानते हुए दोनों संचालकों पर जुर्माना लगाया।
अधिकारियों ने साफ कहा कि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बिना लाइसेंस चल रही दुकानें पकड़ी गईं
Khairagarh Food Safety Action के दौरान कई दुकानों में वैध लाइसेंस और पंजीकरण नहीं मिला। जांच में सामने आया कि कुछ व्यापारी बिना अनुमति खाद्य सामग्री बेच रहे थे।
इस पर मेसर्स सुभाष किराना स्टोर्स, मेसर्स सांखला अनाज भंडार और मेसर्स सन्नी किराना के खिलाफ कार्रवाई करते हुए हजारों रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
नकली ब्रांडिंग का खुलासा
सबसे चौंकाने वाला मामला नकली ब्रांडिंग का सामने आया। मेसर्स ओम साईं किराना स्टोर्स में ‘पवन पसंद’ नाम से नमकीन बेची जा रही थी, जो निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरी।
इस मामले में केवल विक्रेता ही नहीं, बल्कि उत्पाद बनाने वाले मेसर्स पवन गृह उद्योग पर भी कार्रवाई की गई। इससे साफ है कि बाजार में नामी ब्रांड के नाम पर ग्राहकों को भ्रमित किया जा रहा था।
सैंपल जब्त, जांच के लिए भेजे गए
कार्रवाई के दौरान विभाग ने Chhuikhadan स्थित मेसर्स जैन किराना स्टोर्स से टमाटर कैचप और आमचूर पाउडर के नमूने लिए। वहीं खैरागढ़ के मेसर्स तंबोली किराना स्टोर्स से प्रतिबंधित गुटखा होने के संदेह में 72 पैकेट जब्त किए गए।
इन पैकेटों की कीमत करीब 9 हजार रुपये बताई गई है। विभाग ने इन्हें मौके पर ही सीज कर दिया।
रिपोर्ट आने के बाद होगी सख्त कार्रवाई
खाद्य विभाग के अधिकारी सिद्धार्थ पांडेय ने बताया कि सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जिले में मिलावट, घटिया गुणवत्ता और बिना लाइसेंस कारोबार पर लगातार नजर रखी जाएगी।
उपभोक्ताओं को मिला बड़ा संदेश
इस अभियान के बाद साफ संकेत गया है कि जिले में अब खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। उम्मीद की जा रही है कि इससे दुकानदार नियमों का पालन करेंगे और लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री मिल सकेगी।