CG Congress PC: महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े मुद्दे पर देशभर में सियासत तेज हो गई है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ में Indian National Congress ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र की Bharatiya Janata Party सरकार को घेरा।
राज्यसभा सांसद Ranjeet Ranjan ने पार्टी की महिला विधायकों के साथ प्रेस वार्ता कर महिला आरक्षण को लेकर सरकार की नीयत पर सवाल उठाए।
“शुरू से ही नीयत में खोट”
रंजीत रंजन ने कहा कि महिला आरक्षण को लेकर भाजपा की नीयत शुरू से ही साफ नहीं रही है। उन्होंने याद दिलाया कि 2023 में यह विधेयक सर्वसम्मति से पारित हुआ था, लेकिन इसके लागू करने में लगातार देरी की जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पहले जनगणना का बहाना बनाती रही और अब चुनावी माहौल में इसे राजनीतिक मुद्दा बना रही है।
नोटिफिकेशन पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने यह भी सवाल उठाया कि बिल पास होने के तीन महीने बाद आधी रात को उसका नोटिफिकेशन क्यों जारी किया गया।
उन्होंने कहा कि बिना जनगणना के परिसीमन संभव नहीं है और अगर सरकार चाहे तो तुरंत शर्तें हटाकर महिलाओं को आरक्षण दे सकती है।
रंजीत रंजन ने भाजपा पर महिलाओं के साथ “धोखाधड़ी” करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार का रवैया “दिखाने और करने में अलग” है।
महिला विधायकों ने भी घेरा
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अनिला भेड़िया, संगीता सिन्हा, सावित्री मंडावी, हर्षिता बघेल, शेषराज हरवंश और अंबिका मरकाम समेत कई महिला विधायक मौजूद रहीं।
अनिला भेड़िया ने कहा कि भाजपा महिलाओं के कंधे पर बंदूक रखकर विपक्ष को बदनाम करने की कोशिश कर रही है।
वहीं संगीता सिन्हा ने साफ किया कि कांग्रेस महिला आरक्षण के पक्ष में है और 543 लोकसभा सीटों में 33% आरक्षण लागू करने का समर्थन करती है।
कांग्रेस ने गिनाए अपने काम
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि उनकी पार्टी ने पंचायती राज व्यवस्था में 50% आरक्षण देकर महिलाओं को सशक्त बनाया है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में महिलाएं भाजपा के “झांसे” में नहीं आएंगी और इस मुद्दे पर सच्चाई समझेंगी।
विशेष सत्र में दिखेगा असर
कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि इस मुद्दे को विधानसभा के विशेष सत्र में भी जोर-शोर से उठाया जाएगा।
फिलहाल, महिला आरक्षण को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जिसका असर आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है।