CG Assembly Special Session: छत्तीसगढ़ में Bharatiya Janata Party की सरकार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने जा रही है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने खुद इसकी जानकारी दी है।
बताया जा रहा है कि यह विशेष सत्र इसी महीने 29 तारीख से पहले आयोजित किया जाएगा और यह एक दिवसीय होगा।
महिला आरक्षण बिल पर लाया जाएगा निंदा प्रस्ताव
सीएम साय ने बताया कि लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक को पारित कराने में विपक्ष ने सहयोग नहीं किया। इसी के विरोध में छत्तीसगढ़ विधानसभा में निंदा प्रस्ताव पारित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार, खासकर प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं के हित में कई फैसले लिए गए हैं, लेकिन विपक्ष के रुख के कारण यह बिल पास नहीं हो सका।
क्यों नहीं पास हो पाया बिल?
हाल ही में संसद के विशेष सत्र के दौरान संविधान संशोधन से जुड़ा विधेयक पेश किया गया था, जिसमें महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे अहम प्रावधान शामिल थे।
इस बिल पर करीब 21 घंटे चर्चा हुई और कुल 528 सांसदों ने मतदान किया।
- पक्ष में: 298 वोट
- विपक्ष में: 230 वोट
हालांकि बिल पास होने के लिए दो-तिहाई बहुमत यानी 352 वोट जरूरी थे, जिससे यह प्रस्ताव 54 वोटों से गिर गया।
प्रदेश में BJP का प्रदर्शन
महिला आरक्षण बिल को लेकर पूरे प्रदेश में भाजपा द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। राजधानी रायपुर में भी रैली निकालकर विरोध जताया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं और कार्यकर्ता शामिल हुए।
सीएम साय ने कहा कि राज्य की माताएं और बहनें इस मुद्दे को लेकर आक्रोशित हैं और वे महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार के साथ खड़ी हैं।
पहले कब-कब बुलाया गया विशेष सत्र?
छत्तीसगढ़ विधानसभा के इतिहास में इससे पहले भी विशेष सत्र बुलाए जा चुके हैं:
- 2013: झीरम घाटी नक्सली हमले में शहीद नेताओं को श्रद्धांजलि देने के लिए
- 2019: Mahatma Gandhi की 150वीं जयंती पर
- 2025: राज्य गठन के 25 साल पूरे होने (रजत जयंती) पर
राजनीतिक संदेश भी साफ
इस विशेष सत्र के जरिए सरकार विपक्ष पर राजनीतिक दबाव बनाने के साथ-साथ महिला आरक्षण के मुद्दे को जोर-शोर से उठाने की रणनीति पर काम कर रही है।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि विधानसभा में इस प्रस्ताव पर क्या रुख सामने आता है और इसका राजनीतिक असर क्या होता है।