छत्तीसगढ़ सरकार ने श्रमिकों के हित में एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘E-Shram Saathi App’ लॉन्च किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में श्रम विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान इस ऐप का शुभारंभ किया। इस मौके पर श्रम मंत्री लखन देवांगन भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य में संचालित सभी श्रमिक कल्याण योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचे। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना की सफलता तभी मानी जाएगी, जब उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उसका असर वास्तव में दिखाई दे।
श्रमिक वर्ग अर्थव्यवस्था की रीढ़: CM साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि श्रमिक वर्ग देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इसलिए उनके अधिकारों की रक्षा और जीवन स्तर में सुधार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि श्रम विभाग लाखों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है, इसलिए योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
‘E-Shram Saathi App’ से क्या होगा फायदा?
सरकार द्वारा लॉन्च किया गया E-Shram Saathi App श्रमिकों के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां उन्हें घर बैठे रोजगार और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलेगी।
इस ऐप के जरिए श्रमिकों को:
- रोजगार के अवसरों की जानकारी
- श्रमिक योजनाओं का विवरण
- सरकारी सहायता योजनाओं की अपडेट
- पंजीकरण और लाभ प्रक्रिया की जानकारी
- असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए सुविधाएं
एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल माध्यम से श्रमिकों को सशक्त बनाना समय की जरूरत है और यह ऐप उसी दिशा में एक अहम कदम है।
नई श्रम संहिताओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में श्रमिकों के हितों को मजबूत करने के लिए कई बड़े फैसले लिए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को चार नई श्रम संहिताओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इनमें शामिल हैं:
- मजदूरी संहिता 2019
- औद्योगिक संबंध संहिता 2020
- सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020
- व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशाएं संहिता 2020
उन्होंने कहा कि इन कानूनों से श्रमिकों को सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण मिलेगा।
औचक निरीक्षण और सुरक्षा पर जोर
बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण आधुनिक तकनीक के माध्यम से किया जाए। इससे श्रमिकों के अधिकारों का उल्लंघन रोका जा सकेगा और कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित होगा।
लाखों श्रमिकों का पंजीकरण
भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के तहत राज्य में अब तक 33 लाख 14 हजार से अधिक श्रमिकों का पंजीकरण किया जा चुका है।
इस मंडल के अंतर्गत:
26 योजनाएं संचालित हैं
60 प्रकार के श्रमिक वर्ग अधिसूचित हैं
वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025-26 में 315 करोड़ रुपये उपकर (सेस) के रूप में एकत्रित किए गए। वहीं अब तक कुल 2,808 करोड़ रुपये का संग्रह हुआ है, जिसमें से मार्च 2026 तक 2,558 करोड़ रुपये योजनाओं पर खर्च किए जा चुके हैं।
श्रमिकों के लिए प्रमुख योजनाएं
राज्य में श्रमिकों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनमें शामिल हैं:
- मिनीमाता महतारी जतन योजना
- मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना
- नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना
- निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता
- सियान सहायता योजना
- नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता
- आवास सहायता योजना
- निःशुल्क कोचिंग सहायता योजना
- दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना
इन योजनाओं से महिलाओं, बच्चों और श्रमिक परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है।
शिक्षा पर भी सरकार का फोकस
अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत हर साल कक्षा 6वीं में 100 मेधावी छात्रों का चयन किया जा रहा है। अभी 31 जिलों के 95 छात्र 14 स्कूलों में पढ़ाई कर रहे हैं।
सरकार ने अगले सत्र से सीटें बढ़ाकर 200 करने का फैसला लिया है, ताकि अधिक बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके।
श्रमिकों तक पहुंचाने का लक्ष्य
सरकार ने मोबाइल कैंप, श्रम सम्मेलन और विभिन्न मंडलों के माध्यम से श्रमिकों तक योजनाओं की पहुंच बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।
E-Shram Saathi App के लॉन्च के बाद उम्मीद है कि राज्य के लाखों श्रमिकों को अब जानकारी के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।