Air India Flight Turbulence: एयर इंडिया की फ्लाइट में बड़ा हादसा टला, टर्बुलेंस के कारण 17 यात्री घायल

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दिल्ली। फुकेट (थाइलैंड) से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की उड़ान एआई-2379 में उड़ान के दौरान अचानक तेज हवा की चपेट में आकर टर्बुलेंस की शिकार हो गई। इस दौरान 10 यात्री और क्रू के 4 सदस्य मामूली रूप से घायल हो गए।

फुकेट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की उड़ान में तेज टर्बुलेंस के कारण 10 यात्री और 4 क्रू सदस्य मामूली रूप से घायल हो गए। पायलटों की सूझबूझ से विमान सुरक्षित लैंड हुआ, जिसके बाद घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया।

134 यात्रियों के साथ उड़ान भर रहे एयरबस ए320 विमान में यह घटना दिल्ली में लैंडिंग से कुछ समय पहले या क्रूज चरण (टेक-ऑफ के पूरे होने के बाद और नीचे उतरने की प्रक्रिया शुरू होने से पहले का समय होता है।) के दौरान हुई, जिससे अचानक विमान की ऊंचाई में एकाएक गिरावट आ गई।

यात्रियों के अनुसार हवा में यह हलचल लगभग दो से तीन मिनट तक बनी रही। इसके बावजूद, पायलटों की सूझबूझ से विमान सुबह 11 बजे के ठीक बाद आईजीआई एयरपोर्ट पर सुरक्षित रूप से लैंड हो गया।

लैंडिंग के तुरंत बाद एअर इंडिया की मेडिकल टीम ने यात्रियों को संभाला। मामूली चोटों के कारण एहतियातन 10 यात्रियों और 4 क्रू सदस्यों को एयरपोर्ट पर स्थित मेदांता मेडिकल सेंटर ले जाया गया, जहां उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।

एअर इंडिया के प्रवक्ता ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा एअर इंडिया की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी को गंभीर चोट नहीं आई है। हम प्रभावितों को हर संभव सहायता दे रहे हैं और संबंधित अधिकारियों के साथ जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।

टर्बुलेंस क्या है और क्यों होता है?

टर्बुलेंस का आसान भाषा में अर्थ है हवा में अचानक होने वाली उथल-पुथल या हलचल। जब कोई विमान हवा के असमान या अनियमित प्रवाह से गुजरता है, तो यात्रियों को झटके या विमान का ऊपर-नीचे होना महसूस होता है। इसे आप गाड़ियों के किसी गड्ढेदार या उबड़-खाबड़ सड़क से गुजरने जैसा समझ सकते हैं।

  1. मौसम और बादल : तूफानी बादलों, गरज और तेज हवाओं के संपर्क में आने पर विमान में झटके लगते हैं।
  2. हवा के तापमान और दबाव में अंतर : गर्म और ठंडी हवा की परतें जब आपस में मिलती हैं, तो हवा का प्रवाह बिगड़ जाता है।
  3. पहाड़ी इलाके : हवा जब ऊंचे पहाड़ों से टकराकर ऊपर उठती है, तो विमान के रास्ते में हलचल पैदा करती है।
  4. क्लियर एयर टर्बुलेंस : यह सबसे खतरनाक टर्बुलेंस माना जाता है क्योंकि यह बिना किसी बादल या खराब मौसम के अचानक साफ आसमान में आ जाता है, जिसे रडार भी आसानी से नहीं पकड़ पाता।

टर्बुलेंस की प्रमुख घटनाएं

स्पाइसजेट-मुंबई से दुर्गापुर (2022)

मई 2022 में लैंडिंग के दौरान विमान अत्यधिक तेज टर्बुलेंस में फंस गया। यात्रियों के सिर के ऊपर रखे सामान से टकराने के कारण 14 से अधिक यात्री और 3 क्रू सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

एअर इंडिया-अमृतसर से दिल्ली (2018)

अप्रैल 2018 में बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान में उड़ान के तुरंत बाद इतना तेज टर्बुलेंस हुआ कि विमान की एक खिड़की का अंदरूनी पैनल बाहर निकल आया और ऊपर का सामान नीचे गिर गया, जिसमें 3 यात्री घायल हुए थे।

सिंगापुर एयरलाइंस-लंदन से सिंगापुर (मई 2024)

म्यांमार के ऊपर उड़ान के दौरान बोइंग 777 विमान महज कुछ सेकंडों में लगभग 6,000 फीट नीचे गिर गया। इसमें 1 यात्री की दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई और 70 से अधिक लोग घायल हुए।

लाटम एयरलाइंस-सिडनी से आकलैंड (मार्च 2024)

तकनीकी खराबी और टर्बुलेंस के मिले-जुले असर से विमान हवा में अचानक नीचे की ओर झुक गया, जिससे बिना सीट बेल्ट बंधे यात्री छत से जा टकराए। इसमें 50 से अधिक लोग घायल हुए थे।

हवाईयन एयरलाइंस-फिनिक्स से होनोलूलू (2022)

दिसंबर 2022 में लैंडिंग से 30 मिनट पहले विमान बेहद गंभीर टर्बुलेंस की चपेट में आ गया, जिससे 36 यात्री घायल हुए जिनमें से 11 को गंभीर चोटें आई थीं।

एमीरेट्स-पर्थ से दुबई (2023)

दिसंबर 2023 में हिंद महासागर के ऊपर से गुजरते समय अचानक हुए टर्बुलेंस के कारण 14 यात्री और क्रू मेंबर घायल हुए थे।

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