रायपुर: छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश का दौर जारी है। इसी बीच मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र का असर प्रदेश के मौसम पर दिखाई दे रहा है।
बारिश के कारण कई इलाकों में नदी-नाले उफान पर हैं और कुछ स्थानों पर जलभराव की स्थिति भी बनी हुई है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।
बंगाल की खाड़ी का सिस्टम दे रहा बारिश को ताकत
मौसम में बदलाव की प्रमुख वजह बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र है। यह सिस्टम अब अच्छी तरह चिह्नित कम दबाव वाले क्षेत्र में बदल गया है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में नमी बढ़ रही है और कई जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले 24 घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात की भी आशंका जताई गई है।
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने रायपुर, बलौदाबाजार, बिलासपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरबा, मुंगेली, बलरामपुर, जांजगीर-चांपा, जशपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, रायगढ़, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सूरजपुर और सरगुजा में बारिश की संभावना जताई है।
इन जिलों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। कई स्थानों पर बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है।
छत्तीसगढ़ में अब तक कितनी हुई बारिश?
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से 18 अगस्त 2026 तक जारी आंकड़ों के मुताबिक छत्तीसगढ़ में मानसून सीजन के दौरान अब तक औसतन 731.3 मिमी बारिश दर्ज की गई है। यह पिछले 10 वर्षों के औसत 739.2 मिमी के मुकाबले 98.9 प्रतिशत है।
वहीं, 18 अगस्त को प्रदेश में औसतन 21.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। अलग-अलग संभागों और जिलों में बारिश की मात्रा में काफी अंतर देखने को मिल रहा है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सबसे ज्यादा बारिश
प्रदेश में सारंगढ़-बिलाईगढ़ बारिश के मामले में सबसे आगे है। यहां अब तक 994.3 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य औसत का 177.8 प्रतिशत है। 18 अगस्त को यहां 19.2 मिमी बारिश हुई।
इसके बाद कई अन्य जिलों में भी सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।
उत्तर छत्तीसगढ़ में बारिश की स्थिति
सरगुजा जिले में अब तक 425.7 मिमी, यानी सामान्य का 75.4 प्रतिशत बारिश दर्ज हुई है। सूरजपुर में 796.6 मिमी (105.1 प्रतिशत) और बलरामपुर में 849.4 मिमी (137.5 प्रतिशत) बारिश हो चुकी है।
जशपुर में अब तक 618.1 मिमी (85.7 प्रतिशत), कोरिया में 636.0 मिमी (94.7 प्रतिशत) और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 750.0 मिमी (110.5 प्रतिशत) वर्षा दर्ज की गई है।
18 अगस्त को सूरजपुर में 60.4 मिमी और जशपुर में 35.9 मिमी बारिश दर्ज हुई।
रायपुर संभाग में भी मानसून मेहरबान
राजधानी रायपुर में अब तक 789.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य औसत का 129.1 प्रतिशत है। 18 अगस्त को रायपुर में 49.3 मिमी बारिश हुई।
बलौदाबाजार में अब तक 829.2 मिमी (120.4 प्रतिशत) बारिश दर्ज की गई। गरियाबंद में 870.3 मिमी (122.4 प्रतिशत) और महासमुंद में 927.1 मिमी (137.6 प्रतिशत) वर्षा हो चुकी है।
धमतरी में भी अब तक 755.9 मिमी (107.3 प्रतिशत) बारिश दर्ज की गई है।
बिलासपुर, रायगढ़ और आसपास के जिलों का हाल
बिलासपुर जिले में अब तक 771.0 मिमी (109.2 प्रतिशत) बारिश दर्ज की गई है। मुंगेली में 742.9 मिमी (111.7 प्रतिशत) और रायगढ़ में 758.0 मिमी (98.4 प्रतिशत) बारिश हुई है।
जांजगीर-चांपा में अब तक 908.5 मिमी (118.6 प्रतिशत) और सक्ती में 765.3 मिमी (112.5 प्रतिशत) वर्षा दर्ज की गई है।
कोरबा में 796.6 मिमी (100.2 प्रतिशत) बारिश हुई है, जबकि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में अब तक 686.9 मिमी (98.7 प्रतिशत) वर्षा दर्ज की गई है।
दुर्ग और मैदानी जिलों में बारिश का मिला-जुला असर
दुर्ग जिले में अब तक 589.1 मिमी (105.9 प्रतिशत) बारिश दर्ज की गई है। राजनांदगांव में 619.0 मिमी (98.9 प्रतिशत) और बालोद में 792.2 मिमी (116 प्रतिशत) बारिश हुई है।
वहीं कबीरधाम में 462.2 मिमी (82 प्रतिशत), मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 612.5 मिमी (70.8 प्रतिशत) और बेमेतरा में 440.6 मिमी (81.3 प्रतिशत) बारिश दर्ज हुई है।
बस्तर संभाग में कई जिले सामान्य से पीछे
दक्षिण छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में कई जिलों में बारिश सामान्य से कम दर्ज हुई है। बस्तर जिले में अब तक 642.0 मिमी (68.5 प्रतिशत) बारिश हुई है।
कोंडागांव में 639.7 मिमी (76.4 प्रतिशत) और कांकेर में 627.2 मिमी (65.4 प्रतिशत) बारिश दर्ज की गई है।
हालांकि नारायणपुर में स्थिति बेहतर है। यहां अब तक 1062.8 मिमी (117.5 प्रतिशत) वर्षा दर्ज हुई है। दंतेवाड़ा में 858.9 मिमी (88.2 प्रतिशत), सुकमा में 687.4 मिमी (66.6 प्रतिशत) और बीजापुर में 912.6 मिमी (67.5 प्रतिशत) बारिश दर्ज की गई है।
वज्रपात को लेकर रहें सतर्क
मौसम विभाग ने बारिश के साथ कई इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की संभावना भी जताई है। ऐसे में गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए।
कुल मिलाकर बंगाल की खाड़ी में बने मौसम सिस्टम के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर अभी जारी रहने की संभावना है। आने वाले दिनों में किन जिलों में बारिश सबसे ज्यादा होती है, इस पर मौसम विभाग की नजर बनी हुई है।