Ram Mandir Case: चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीनचिट कैसे?

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Ram Mandir Case: राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े जमीन खरीद मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा को एसआईटी की ओर से कथित तौर पर क्लीनचिट दिए जाने की खबरों ने राजनीतिक विवाद बढ़ा दिया है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने इस क्लीनचिट पर सवाल उठाते हुए कहा है कि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वह सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे।

संजय सिंह ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले से जुड़ी पुरानी एसआईटी रिपोर्ट के एक पन्ने का भी हवाला दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि महत्वपूर्ण दस्तावेज को सामने नहीं आने दिया गया और इसे आरोपियों को बचाने की सोची-समझी साजिश बताया।

वर्तमान SIT से संजय सिंह ने मांगा समय

संजय सिंह ने मौजूदा एसआईटी अध्यक्ष किसन एस. को पत्र लिखकर 26 महत्वपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए समय मांगा है। उनका दावा है कि इन दस्तावेजों से मामले की जांच और पुराने आरोपों से जुड़ी कई बातें स्पष्ट हो सकती हैं।

उन्होंने कहा कि पूर्व एसआईटी प्रमुख विश्वास पंत की रिपोर्ट में पन्ना नंबर 6 गायब था, जो अब उनके पास उपलब्ध है।

पन्ना नंबर 6 को लेकर क्या दावा किया?

संजय सिंह के मुताबिक, एसआईटी रिपोर्ट के पन्ना नंबर 6 में अनिल मिश्रा द्वारा बैंक के साथ तय नियमों में कथित तौर पर ढील दिए जाने का उल्लेख है। उन्होंने दावा किया कि नियमों में इस तरह की शिथिलता के कारण मंदिर में चोरी और गबन जैसी परिस्थितियां पैदा हुईं।

संजय सिंह ने सवाल उठाया कि यदि रिपोर्ट में पदाधिकारियों की जिम्मेदारी का उल्लेख किया गया था, तो फिर चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीनचिट किस आधार पर दी गई?

17 अगस्त के घटनाक्रम पर भी उठाए सवाल

संजय सिंह ने दावा किया कि 17 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने जांच में देरी पर नाराजगी जताई थी और उसी दिन मीडिया में आरोपियों को क्लीनचिट दिए जाने से संबंधित खबरें सामने आईं।

उन्होंने इस घटनाक्रम को लेकर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि आरोपियों को बचाने के लिए सोची-समझी रणनीति अपनाई गई।

मामला सिर्फ जमीन खरीद तक सीमित नहीं: संजय सिंह

संजय सिंह ने आरोप लगाया कि पूरा मामला सिर्फ जमीन खरीद तक सीमित नहीं है। उन्होंने चंदे और चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के साथ भगवान के आभूषणों के गबन का भी आरोप लगाया।

उन्होंने इंजीनियर दीनानाथ वर्मा के हवाले से अनिल मिश्रा पर निर्माण कार्यों में 40 फीसदी कमीशन लेने का आरोप लगाया। हालांकि, ये आरोप संजय सिंह की ओर से लगाए गए हैं और इनकी पुष्टि जांच या किसी न्यायिक निष्कर्ष से होना बाकी है।

संजय सिंह बोले- निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो जाएंगे सुप्रीम कोर्ट

संजय सिंह ने कहा कि अगर मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं की जाती है तो वह सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। उन्होंने एसआईटी से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

फिलहाल चंपत राय और अनिल मिश्रा को कथित क्लीनचिट दिए जाने को लेकर संजय सिंह के सवालों के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में है। आगे की जांच और आधिकारिक रिपोर्ट से ही आरोपों तथा एसआईटी के निष्कर्षों की स्थिति स्पष्ट होगी।

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