CEC Gyanesh Kumar Protest: जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश में 150 हिरासत में, कपिल सिब्बल-प्रशांत भूषण भी शामिल

Spread the love

CEC Gyanesh Kumar Protest को लेकर दिल्ली में शनिवार को लगातार दूसरे दिन जंतर-मंतर की ओर प्रदर्शनकारियों के पहुंचने की कोशिश हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया और करीब 150 लोगों को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए लोगों में वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, प्रशांत भूषण, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा समेत कई लोग शामिल थे।

प्रदर्शनकारियों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही थी। प्रदर्शन से जुड़े संगठनों और कार्यकर्ताओं ने चुनावी मतदाता सूची की Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े निर्णयों की वैधानिकता पर जोर देते हुए कहा है कि संस्थागत स्तर पर टिप्पणियां और मतभेद सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हो सकते हैं।

पटेल चौक से जंतर-मंतर की ओर मार्च

CEC Gyanesh Kumar Protest: जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश में 150 हिरासत में, कपिल सिब्बल-प्रशांत भूषण भी शामिल

शनिवार को प्रदर्शनकारी पटेल चौक से जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शन स्थल के आसपास बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी। जैसे-जैसे प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर के नजदीक पहुंचे, पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेना शुरू कर दिया।

रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 150 लोगों को हिरासत में लिया गया। इनमें AISA अध्यक्ष नेहा बोरा, योगेंद्र यादव और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण भी शामिल थे।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करना चाहते थे। पुलिस की कार्रवाई के कारण उन्हें निर्धारित स्थान तक पहुंचने से रोक दिया गया।

कपिल सिब्बल और अन्य वकील भी मार्च में शामिल

प्रदर्शन में वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, प्रशांत भूषण, नित्या रामकृष्णन और पल्लव सिसोदिया समेत कई अधिवक्ताओं के शामिल होने की जानकारी सामने आई। सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव भी प्रदर्शनकारियों के साथ मार्च में शामिल हुए।

पुलिस ने जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा बलों की तैनाती की थी। प्रदर्शनकारियों को समूहों में आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेड लगाए गए थे।

शुक्रवार को भी बड़ी संख्या में हुई थी हिरासत

शनिवार का प्रदर्शन शुक्रवार को हुई कार्रवाई के बाद हुआ। शुक्रवार को भी दिल्ली में जंतर-मंतर की ओर जाने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया था।

विभिन्न रिपोर्टों में शुक्रवार की हिरासत की संख्या अलग-अलग बताई गई है। दिल्ली पुलिस के अनुसार करीब 1,000 लोगों को हिरासत में लिया गया था, जबकि कुछ अन्य रिपोर्टों में संख्या 500 से 700 के बीच बताई गई। कई लोगों को बाद में रिहा कर दिया गया।

शुक्रवार की कार्रवाई के बाद दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन से संबंधित तीन FIR भी दर्ज कीं। दो FIR संसद मार्ग थाना और एक कनॉट प्लेस थाना क्षेत्र में दर्ज की गई। पुलिस के मुताबिक, मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 समेत संबंधित प्रावधान लगाए गए हैं। इन FIR में किसी व्यक्ति या संगठन को आरोपी के तौर पर नामित नहीं किया गया है।

प्रदर्शन से आम लोगों को भी हुई परेशानी

जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने और बैरिकेडिंग के कारण आम लोगों को भी आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। शुक्रवार को प्रदर्शन के दौरान दिल्ली के मध्य हिस्से में कई रास्तों पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी और कुछ मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश-निकास पर भी प्रतिबंध लगाए गए थे।

शनिवार को भी जंतर-मंतर की ओर जाने वाले मार्गों पर पुलिस की मौजूदगी और बैरिकेडिंग के कारण यातायात प्रभावित होने की स्थिति बनी रही।

SIR को लेकर क्या है विवाद?

प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा शामिल है। इसके साथ ही वे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

प्रदर्शन से जुड़े संगठनों और विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर चिंता जताई है। ये राजनीतिक और सार्वजनिक दावे हैं, जिन पर चुनाव आयोग का पक्ष अलग है।

चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े अपने फैसलों का बचाव करते हुए कहा है कि आयोग के आदेश कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप हैं। आयोग ने यह भी कहा है कि किसी संस्था के भीतर अलग-अलग टिप्पणियां या मतभेद होना सामान्य संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा है।

जंतर-मंतर पर बढ़ाई गई सुरक्षा

प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं। शुक्रवार को पुलिस ने प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दिए जाने की बात कही थी और नई दिल्ली इलाके में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए थे।

शनिवार को भी पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर तक पहुंचने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी।

आगे भी जारी रह सकता है विरोध

CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR को लेकर विरोध प्रदर्शन शुक्रवार से दिल्ली में चर्चा का प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। शनिवार को दूसरे दिन भी प्रदर्शन की कोशिश और करीब 150 लोगों की हिरासत के बाद मामला फिर सुर्खियों में है।

फिलहाल पुलिस की कार्रवाई, दर्ज FIR और चुनाव आयोग के पक्ष के बीच यह विवाद आगे भी राजनीतिक और सार्वजनिक बहस का विषय बना रह सकता है। वहीं, प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर आगे की रणनीति तय कर रहे हैं।

जरुर पढ़ें

InkLink News Agency is a fast-growing digital news agency and aggregator delivering accurate, timely, and reliable updates across India. We provide dedicated coverage for India, Chhattisgarh, and Madhya Pradesh, along with in-depth reporting across key categories including Business, Technology, Politics, Crime, Literature, and more.

Stay informed. Stay connected. Stay ahead with InkLink News Agency.