IND vs SL: भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में भारतीय टीम मजबूत स्थिति में पहुंच गई है। भारत ने अपनी पहली पारी 503/9 के विशाल स्कोर पर घोषित कर दी, जिसके बाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर चेतेश्वर पुजारा ने मुकाबले के नतीजे को लेकर बड़ी भविष्यवाणी की है। पुजारा का मानना है कि अगर भारतीय गेंदबाज तीसरे दिन प्रभावी प्रदर्शन करते हैं तो टीम इंडिया श्रीलंका को पारी के अंतर से हरा सकती है।
कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर खेले जा रहे इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। देवदत्त पडिक्कल और ध्रुव जुरेल के शतकों की बदौलत भारत ने पहली पारी में 500 से अधिक रन बनाए और श्रीलंका पर दबाव बना दिया।
भारत ने 503/9 पर घोषित की पहली पारी
भारतीय टीम ने सोमवार को अपनी पहली पारी 503 रन पर नौ विकेट के नुकसान पर घोषित करने का फैसला किया। टीम के लिए देवदत्त पडिक्कल ने शानदार शतकीय पारी खेली, जबकि युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने नाबाद शतक लगाकर टीम के स्कोर को 500 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
भारत के विशाल स्कोर के बाद श्रीलंका की शुरुआत अच्छी नहीं रही। बारिश से प्रभावित दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती तीन ओवर में ही श्रीलंका के दो प्रमुख बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया था। श्रीलंकाई टीम ने सिर्फ 8 रन के स्कोर पर दो विकेट गंवा दिए, जिससे मेजबान टीम पर शुरुआती दबाव साफ दिखाई दिया।
चेतेश्वर पुजारा ने जताई पारी से जीत की संभावना
तीसरे दिन का खेल शुरू होने से पहले पूर्व भारतीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने मैच की स्थिति का आकलन करते हुए भारत की जीत की संभावना जताई। उनके अनुसार, 500 से अधिक रन बनाने के बाद भारतीय टीम काफी मजबूत स्थिति में है और अगर गेंदबाज अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन करते हैं तो श्रीलंका को पारी के अंतर से हार का सामना करना पड़ सकता है।
पुजारा का मानना है कि भारत के पास इतना बड़ा स्कोर है कि टीम को मैच में हार का खतरा नहीं दिखता। अब मुकाबले का परिणाम काफी हद तक भारतीय गेंदबाजों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। यदि भारत श्रीलंका की पहली पारी में बड़ा स्कोर बनने से रोकने में सफल रहता है, तो टीम इंडिया मैच को अपने नाम करने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा सकती है।
ध्रुव जुरेल की नाबाद शतकीय पारी ने बटोरी तारीफ
कोलंबो टेस्ट में ध्रुव जुरेल का प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए बेहद अहम रहा। आगरा के इस युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज ने 115 रन की नाबाद पारी खेली और भारत को मजबूत स्थिति तक पहुंचाया। उनकी पारी में धैर्य, तकनीक और परिस्थिति के अनुसार बल्लेबाजी देखने को मिली।
चेतेश्वर पुजारा ने भी ध्रुव जुरेल की बल्लेबाजी की जमकर सराहना की। उन्होंने जुरेल की तकनीक, फुटवर्क और शॉट चयन को प्रभावशाली बताया। पुजारा के मुताबिक, जुरेल जिस तरह से टेस्ट क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी को आगे बढ़ा रहे हैं, उससे वह एक पूर्ण टेस्ट खिलाड़ी के रूप में नजर आते हैं।
उनकी बल्लेबाजी में परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता दिखाई देती है। बड़े स्कोर वाली पिच हो या दबाव की स्थिति, जुरेल ने अब तक कई मौकों पर भारतीय टीम के लिए उपयोगी पारियां खेली हैं।
ध्रुव जुरेल का टेस्ट करियर
ध्रुव जुरेल ने फरवरी 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ राजकोट टेस्ट से अपने अंतरराष्ट्रीय टेस्ट करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने लगातार अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं और क्रिकेट विशेषज्ञों का ध्यान खींचा।
अब तक जुरेल 12 टेस्ट मैचों की 19 पारियों में 651 रन बना चुके हैं। कोलंबो टेस्ट में लगाया गया शतक उनके टेस्ट करियर का दूसरा शतक है। इससे पहले उन्होंने अक्टूबर 2025 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 125 रन की शानदार पारी खेली थी।
गॉल में खेले गए सीरीज के पहले टेस्ट में भी जुरेल ने अर्धशतक लगाया था। इसके बाद कोलंबो टेस्ट में शतक जड़कर उन्होंने अपनी शानदार फॉर्म को जारी रखा।
देवदत्त पडिक्कल ने भी दिखाया दम
IND vs SL मुकाबले में देवदत्त पडिक्कल का योगदान भी भारत के बड़े स्कोर में बेहद महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने दबाव के बीच संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए शतक पूरा किया। उनकी पारी ने भारतीय मध्यक्रम को मजबूती दी और टीम को 500 से अधिक रन तक पहुंचाने की नींव तैयार की।
पडिक्कल और जुरेल की शानदार बल्लेबाजी के कारण भारतीय टीम श्रीलंका के खिलाफ मजबूत स्थिति में पहुंचने में सफल रही। अब भारतीय गेंदबाजों के सामने श्रीलंका को जल्दी समेटने की चुनौती होगी।
क्या भारत दर्ज करेगा पारी से जीत?
भारत के पास 503 रन का बड़ा स्कोर है और श्रीलंका अपनी पहली पारी की शुरुआत में ही दो विकेट गंवा चुका है। ऐसे में चेतेश्वर पुजारा की पारी से जीत वाली भविष्यवाणी चर्चा में है। हालांकि, क्रिकेट में अंतिम परिणाम पिच की परिस्थितियों और दोनों टीमों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।
तीसरे दिन भारतीय गेंदबाज यदि लगातार दबाव बनाए रखते हैं और श्रीलंकाई बल्लेबाजों को बड़ी साझेदारी करने से रोकते हैं, तो भारत के पास मुकाबले को पारी के अंतर से जीतने का मजबूत मौका बन सकता है। अब सभी की नजरें कोलंबो टेस्ट के तीसरे दिन के खेल पर टिकी हैं कि क्या टीम इंडिया पुजारा की भविष्यवाणी को सही साबित कर पाती है या श्रीलंका मुकाबले में वापसी करता है।