भोपाल: मध्य प्रदेश में बड़े निवेश आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के लिए देश और विदेश के निवेशकों को आमंत्रित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री लगातार रोड शो और निवेशक संवाद कार्यक्रम कर रहे हैं। इसी क्रम में डॉ. मोहन यादव 7 सितंबर को दुबई के दौरे पर जाएंगे।
मुख्यमंत्री का यह दौरा 9 सितंबर तक प्रस्तावित है। तीन दिवसीय यात्रा के दौरान वे वार्षिक निवेशक सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और विभिन्न उद्योगपतियों एवं निवेशकों के साथ बैठक कर मध्य प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे।
दुबई में निवेशकों को बताएंगे MP की खूबियां
दुबई दौरे के दौरान मुख्यमंत्री निवेशकों के सामने मध्य प्रदेश की औद्योगिक नीतियों, संसाधनों, बुनियादी ढांचे और निवेश की संभावनाओं को रखेंगे। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में नए उद्योग स्थापित कराना और रोजगार के अवसरों को बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री के साथ उद्योग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, पर्यटन समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल भी जाने की संभावना है। इस दौरान निवेशकों को प्रदेश में उपलब्ध सुविधाओं और विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के अवसरों की जानकारी दी जाएगी।
चेन्नई समेत बड़े शहरों में भी होंगे रोड शो
निवेशकों तक पहुंच बनाने के लिए सरकार केवल विदेशी दौरे तक सीमित नहीं रहेगी। चेन्नई सहित देश के अन्य प्रमुख शहरों में भी रोड शो आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए विभिन्न सेक्टरों की कंपनियों और उद्योग समूहों को मध्य प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
पिछले GIS में मिले थे 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव
वर्ष 2025 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में मध्य प्रदेश सरकार को करीब 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले थे। सरकार के अनुसार, इनमें से 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं।
वहीं, वर्ष 2026 के शुरुआती छह महीनों में प्रदेश को 76,862 करोड़ रुपये के नए निवेश प्रस्ताव प्राप्त होने की बात कही गई है। इन प्रस्तावों से 82 हजार से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद जताई जा रही है।
अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दुबई दौरे और देश के विभिन्न शहरों में प्रस्तावित रोड शो को प्रदेश की निवेश नीति को वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने की बड़ी कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।