राहुल गांधी: उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब मध्य प्रदेश की राजनीति तक पहुंच गया है। इस मामले में राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने बीजेपी और आरएसएस पर तीखा हमला बोला है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR पर सवाल उठाए। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि बीजेपी दलितों के मुद्दे पर आवाज उठाने वालों को निशाना बना रही है।
जीतू पटवारी ने बीजेपी-RSS पर साधा निशाना
MP कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कार्यक्रम स्थल का ‘शुद्धिकरण’ कराया गया और जब राहुल गांधी ने इस मुद्दे को उठाया तो उनके खिलाफ ही FIR दर्ज कर दी गई।

पटवारी ने कहा कि यह कार्रवाई बीजेपी और आरएसएस की कथित दलित विरोधी सोच को दर्शाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ कथित तौर पर शुद्धिकरण करने वालों को संरक्षण दिया जा रहा है, जबकि दूसरी तरफ इस मुद्दे पर सवाल उठाने वालों की आवाज दबाने की कोशिश हो रही है।
पटवारी के मुताबिक, “बीजेपी के सिस्टम में दलितों के लिए जगह नहीं” जैसी स्थिति दिखाई दे रही है।
कमलनाथ बोले- ‘चोरी और सीनाजोरी’
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी राहुल गांधी के खिलाफ FIR को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने पूरे घटनाक्रम को ‘चोरी और सीनाजोरी’ करार दिया।
कमलनाथ ने आरोप लगाया कि हल्द्वानी में खड़गे की सभा के बाद कार्यक्रम स्थल का शुद्धिकरण कर दलितों का अपमान किया गया और जब राहुल गांधी ने इसका विरोध किया तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय राहुल गांधी पर ही मामला दर्ज कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के साथ मजबूती से खड़ी है।
क्या है हल्द्वानी का ‘शुद्धिकरण’ विवाद?
दरअसल, हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा हुई थी। कांग्रेस का आरोप है कि रैली के बाद ‘श्री राम सेना’ नाम के संगठन से जुड़े लोगों ने कार्यक्रम स्थल पर हवन और कथित शुद्धिकरण अनुष्ठान किया।
कांग्रेस नेताओं ने इसे जातिगत भेदभाव और छुआछूत की मानसिकता से जोड़ते हुए सवाल उठाए। उनका आरोप है कि खड़गे के दलित होने की वजह से मैदान को कथित तौर पर ‘अपवित्र’ मानकर शुद्धिकरण किया गया।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी इस मुद्दे को राज्यसभा में उठाते हुए सवाल किया था कि लोकतंत्र में इस तरह की घटनाओं के लिए कोई जगह होनी चाहिए या नहीं।
राहुल गांधी ने शुद्धिकरण को लेकर क्या कहा?

इस पूरे मामले पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। उन्होंने संविधान की प्रति दिखाते हुए कहा कि देश में आज भी दलितों के खिलाफ छुआछूत जैसी कुप्रथाएं चल रही हैं। राहुल गांधी ने कहा कि ‘शुद्धिकरण’ दरअसल छुआछूत का ही दूसरा नाम है जो कि एक संवैधानिक अपराध है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड सरकार से मांग की थी कि खड़गे जी के अपमान के लिए जिम्मेदार लोगों पर SC/ST एक्ट के तहत तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए।
विवाद के बाद राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मुद्दे पर बीजेपी और आरएसएस को घेरा। उन्होंने ‘शुद्धिकरण’ की प्रथा को छुआछूत का दूसरा नाम बताया और इसे संविधान की भावना के खिलाफ करार दिया।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश में आज भी दलितों को भेदभाव का सामना करना पड़ता है। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग भी की।
राहुल गांधी के खिलाफ क्यों दर्ज हुई FIR?
राहुल गांधी की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के अगले ही दिन उत्तराखंड के हल्द्वानी में उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया। यह FIR वाल्मीकि समाज (अनुसूचित जाति) से ताल्लुक रखने वाले अमित कुमार नाम के युवक की शिकायत पर दर्ज हुई है। शिकायतकर्ता का दावा है कि मैदान में केवल साफ-सफाई अभियान और धार्मिक अनुष्ठान किया गया था, जिसका किसी जाति या मल्लिकार्जुन खड़गे से कोई लेना-देना नहीं था।

राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद हल्द्वानी में उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, अमित कुमार नाम के एक व्यक्ति की शिकायत पर यह मामला दर्ज हुआ, जो वाल्मीकि समाज से संबंधित बताए गए हैं।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि मैदान में किया गया धार्मिक अनुष्ठान किसी जाति या मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ नहीं था। शिकायत में दावा किया गया कि राहुल गांधी ने इसे छुआछूत से जोड़कर जातिगत तनाव पैदा करने की कोशिश की।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
शिकायत में आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी ने इस धार्मिक अनुष्ठान को ‘छुआछूत’ बताकर मामले को जानबूझकर जातिगत मोड़ (Casteist spin) दिया है, जिससे समाज में नफरत और तनाव बढ़ सकता है। राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 और 299 के साथ SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं लगाए जाने की बात सामने आई है।
धारा 196 विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य बढ़ाने से संबंधित है, जबकि धारा 299 धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने से जुड़े अपराध से संबंधित है।
इस FIR के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस ने बीजेपी पर राजनीतिक हमला तेज कर दिया है। अब यह मामला हल्द्वानी से निकलकर मध्य प्रदेश की राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बनता नजर आ रहा है।