Electricity Meter Check: बिजली का बिल अचानक बढ़कर आने लगे तो हर बार ज्यादा खपत को ही इसकी वजह मानना सही नहीं है। गर्मियों में एसी, कूलर, पंखे और दूसरे उपकरण ज्यादा चलने से बिजली की खपत बढ़ना सामान्य है। लेकिन अगर आपकी रोजाना की आदतों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ और फिर भी बिल पहले की तुलना में काफी ज्यादा आ रहा है, तो बिजली मीटर की जांच करना जरूरी हो जाता है।
कई मामलों में ज्यादा बिल आने के पीछे मीटर की गड़बड़ी, घर की वायरिंग में लीकेज या बिजली की वास्तविक खपत और मीटर रीडिंग के बीच अंतर जैसी वजहें हो सकती हैं। ऐसे में Electricity Meter Check के कुछ आसान तरीकों से शुरुआती स्तर पर स्थिति को समझा जा सकता है।
मीटर या बिजली की वायरिंग को खुद खोलने या उसमें छेड़छाड़ करने की कोशिश न करें। किसी भी तकनीकी जांच के लिए बिजली विभाग या योग्य इलेक्ट्रिशियन की मदद लेना सुरक्षित है।
MCB बंद करके करें Electricity Meter Check

बिजली मीटर की शुरुआती जांच के लिए सबसे पहले घर की मेन MCB बंद कर दें। MCB बंद करने के बाद मीटर पर नजर रखें।
अगर MCB बंद होने के बावजूद मीटर की इंडिकेटर लाइट या खपत का संकेत लगातार दिखाई देता है, तो यह जांच की जरूरत का संकेत हो सकता है। वहीं, अगर मीटर की गतिविधि बंद हो जाती है, तो समस्या मीटर के बजाय घर की वायरिंग में लीकेज या किसी अन्य कारण से भी जुड़ी हो सकती है।
हालांकि केवल इस टेस्ट के आधार पर मीटर को खराब घोषित नहीं किया जा सकता। स्थिति स्पष्ट करने के लिए बिजली विभाग या तकनीकी विशेषज्ञ से जांच कराना बेहतर रहेगा।
मीटर की शुरुआती रीडिंग करें नोट
अगले चरण में मीटर की मौजूदा रीडिंग को नोट कर लें। इसके बाद किसी ज्ञात क्षमता वाले बिजली उपकरण की मदद से खपत को समझा जा सकता है।
उदाहरण के लिए, 1000 वाट यानी 1 किलोवाट के उपकरण को एक घंटे तक चलाने पर सैद्धांतिक रूप से लगभग 1 यूनिट यानी 1 kWh ऊर्जा की खपत होती है। इस दौरान उपकरण की रेटेड क्षमता और उसके वास्तविक संचालन को ध्यान में रखना जरूरी है।
टेस्ट से पहले और बाद की मीटर रीडिंग लिखकर रखने से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि मीटर खपत को किस तरह दर्ज कर रहा है।
एक घंटे बाद आखिरी रीडिंग मिलाएं
जब तय समय पूरा हो जाए, तो मीटर की नई रीडिंग नोट करें और शुरुआती रीडिंग से उसका अंतर निकालें।
यदि 1 किलोवाट के उपकरण को एक घंटे तक चलाया गया है, तो परिस्थितियों के अनुसार करीब 1 यूनिट की खपत अपेक्षित हो सकती है। रीडिंग में बड़ा अंतर दिखाई देने पर मीटर की जांच कराने की जरूरत हो सकती है।
यहां यह भी समझना जरूरी है कि वास्तविक खपत उपकरण की क्षमता, वोल्टेज, संचालन अवधि और अन्य परिस्थितियों के कारण अलग हो सकती है। इसलिए केवल एक घरेलू टेस्ट को अंतिम प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए।
स्मार्ट मीटर में मोबाइल ऐप से जांचें खपत

आजकल कई जगहों पर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। इनके साथ संबंधित मोबाइल ऐप या डिजिटल सिस्टम के जरिए बिजली की खपत देखने की सुविधा भी मिल सकती है।
अगर आपके मीटर के लिए ऐसी सुविधा उपलब्ध है, तो ऐप में दिखाई जा रही खपत और मीटर पर दर्ज रीडिंग का मिलान करें। इससे आपको अपनी बिजली खपत को समझने में मदद मिल सकती है।
अगर ऐप और मीटर की जानकारी में लगातार असामान्य अंतर नजर आता है, तो इसकी शिकायत संबंधित बिजली वितरण कंपनी या बिजली विभाग से की जा सकती है।
मीटर पर संदेह हो तो इलेक्ट्रिशियन से कराएं जांच
अगर Electricity Meter Check के बाद भी आपको लगता है कि बिजली की खपत सामान्य नहीं है, तो खुद मीटर खोलने या वायरिंग में बदलाव करने के बजाय किसी योग्य इलेक्ट्रिशियन को बुलाएं।
जरूरत पड़ने पर संबंधित बिजली विभाग में शिकायत या आवेदन देकर मीटर और घर की वायरिंग दोनों की जांच कराई जा सकती है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि ज्यादा बिल मीटर की वजह से आ रहा है या कहीं वायरिंग लीकेज अथवा अधिक बिजली खपत करने वाला उपकरण इसकी वजह है।
बिजली का बिल कम करने के आसान उपाय
मीटर की जांच के साथ-साथ बिजली की खपत कम करने के लिए रोजमर्रा की कुछ आदतों में बदलाव भी किया जा सकता है।
1. AC का तापमान संतुलित रखें
एसी को बहुत कम तापमान पर लगातार चलाने के बजाय सामान्य आरामदायक तापमान पर चलाने से बिजली की खपत नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।
2. पुराने उपकरणों पर ध्यान दें
बहुत पुराने या कम दक्षता वाले बिजली उपकरण अपेक्षाकृत ज्यादा ऊर्जा इस्तेमाल कर सकते हैं। जरूरत के अनुसार अधिक ऊर्जा-कुशल उपकरणों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
3. कमरे से निकलते समय लाइट-पंखा बंद करें
खाली कमरे में पंखा, लाइट या अन्य उपकरण चलते रहने से अनावश्यक बिजली खर्च होती है। कमरे से बाहर निकलते समय इन्हें बंद करने की आदत बनाएं।
4. इस्तेमाल न होने वाले उपकरणों को अनप्लग करें
जिन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं होना है, उन्हें जरूरत के अनुसार स्विच ऑफ या अनप्लग किया जा सकता है।
अगर बिजली का बिल अचानक बढ़ गया है, तो घबराने के बजाय पहले अपनी बिजली खपत और मीटर रीडिंग की जांच करें। MCB टेस्ट, शुरुआती और अंतिम रीडिंग का मिलान तथा स्मार्ट मीटर की ऐप में दिखाई देने वाली जानकारी से शुरुआती स्तर पर स्थिति समझी जा सकती है।
फिर भी अगर खपत असामान्य लगती है, तो बिजली विभाग या योग्य इलेक्ट्रिशियन से मीटर और वायरिंग की जांच कराना सबसे सुरक्षित विकल्प है। साथ ही, अनावश्यक बिजली उपकरण बंद रखने और ऊर्जा-कुशल उपकरणों का इस्तेमाल करने से बिल को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।