Chhattisgarh Maoist Dump: छत्तीसगढ़ में माओवादियों के खिलाफ अभियान चला रहे सुरक्षाबलों को एक बार फिर बड़ी सफलता मिली है। बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों ने सात दिनों के भीतर दूसरी बार माओवादी डंप बरामद किया है। पीडिया और कुप्पागुड़ा के जंगलों में की गई कार्रवाई के दौरान हथियारों के साथ बड़ी मात्रा में IED और अन्य विस्फोटक सामग्री जब्त की गई।
सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई को माओवादी गतिविधियों के खिलाफ अभियान में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
बीजापुर में 7 दिन में दूसरी बड़ी बरामदगी

बीजापुर जिले के जंगलों में सुरक्षाबलों को माओवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए सामान के बारे में जानकारी मिली थी। इसके बाद इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया।
तलाशी के दौरान 14 माओवादी डंप से सात रायफल, 10 IED और करीब 99 तरह की अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद होने की जानकारी सामने आई है।
बरामद सामान को सुरक्षाबलों ने अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
29 अगस्त को भी मिला था माओवादी डंप

बीजापुर में यह पहली बड़ी बरामदगी नहीं है। इससे पहले 29 अगस्त को भी जिले में माओवादी डंप मिलने की जानकारी सामने आई थी।
उस कार्रवाई में सुरक्षाबलों को दो हथियारों के अलावा BGL सेल, डेटोनेटर और अन्य सामग्री मिली थी। इसके बाद लगातार चल रहे अभियानों के बीच अब एक सप्ताह के भीतर दूसरी बड़ी बरामदगी हुई है।
इससे जंगलों में माओवादियों द्वारा हथियार और विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखने के नेटवर्क पर सुरक्षाबलों की नजर और सख्त होने का संकेत मिलता है।
मई में भी मिली थी बड़ी मात्रा में सामग्री
बीजापुर में इससे पहले 13 मई 2026 को भी सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई की थी। कोटो क्षेत्र में माओवादियों के तीन ठिकानों से बड़ी मात्रा में नकदी, हथियार, कारतूस और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी।
उस कार्रवाई में करीब 65.52 लाख रुपये नकद, 52 हथियार, कारतूस और अन्य सामग्री बरामद होने की जानकारी दी गई थी।
लगातार हो रही ऐसी बरामदगी से सुरक्षा बलों के तलाशी अभियानों की व्यापकता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
कोंडागांव में भी हथियार और विस्फोटक बरामद

बीजापुर के अलावा कोंडागांव जिले में भी सुरक्षाबलों को तलाशी अभियान के दौरान बड़ी सफलता मिली है।
मर्दापाल और पुष्पपाल थाना क्षेत्रों के सुदूर जंगलों और पहाड़ी इलाकों में तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों को एक 9 एमएम पिस्टल, करीब 160 जिलेटिन छड़ें, बड़ी मात्रा में बारूद और अन्य सामग्री मिली।
इसके अलावा छह वॉकी-टॉकी और वायरलेस सेट, डेटोनेटर, बिजली के तार तथा बम बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी बरामद होने की जानकारी सामने आई है।
जमीन में दबाकर रखे थे तीन टिफिन IED
तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों को जमीन में छिपाकर रखे गए तीन सक्रिय टिफिन IED भी मिले।
IED यानी Improvised Explosive Device का इस्तेमाल माओवादी संगठनों द्वारा सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए किया जाता रहा है। ऐसे में जमीन में दबे सक्रिय IED की बरामदगी सुरक्षा बलों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
सुरक्षाबलों ने बरामद विस्फोटक और अन्य संदिग्ध सामग्री को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की है।
लगातार जारी है माओवादी विरोधी अभियान

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के अलग-अलग जिलों में सुरक्षाबलों की ओर से माओवादी गतिविधियों के खिलाफ लगातार तलाशी और अभियान चलाए जा रहे हैं। बीजापुर और कोंडागांव में सामने आई ताजा बरामदगी इसी अभियान का हिस्सा है।
Chhattisgarh Maoist Dump मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक, बीजापुर में सात दिनों के भीतर दूसरी बार माओवादी डंप मिलने से सुरक्षा बलों की कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं कोंडागांव में पिस्टल, जिलेटिन, डेटोनेटर और सक्रिय टिफिन IED मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की आगे जांच कर रही हैं।
फिलहाल बरामद हथियारों और विस्फोटक सामग्री के स्रोत तथा इन्हें जंगल में किस उद्देश्य से छिपाकर रखा गया था, इसे लेकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।