Bilaspur News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में पुलिस ने संदिग्ध विदेशी नागरिकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जिला पुलिस की विशेष कार्यबल (STF) ने कथित तौर पर फर्जी या गलत दस्तावेजों के आधार पर रह रहे 23 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है। पुलिस अब इनके दस्तावेजों और पहचान से जुड़े दावों की जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, ये लोग बिलासपुर के अलग-अलग इलाकों में रहकर फेरी लगाने का काम करते थे और पिछले करीब दो वर्षों से जिले में आ-जा रहे थे।
23 संदिग्ध विदेशी नागरिक हिरासत में

Bilaspur News के अनुसार, पुलिस ने बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे संदिग्ध प्रवासियों की पहचान के लिए विशेष अभियान शुरू किया था। इसी अभियान के दौरान पुलिस को 23 ऐसे लोगों के बारे में जानकारी मिली, जिनके दस्तावेज कथित तौर पर सही नहीं पाए गए।
बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के मुताबिक, अपर पुलिस अधीक्षक रशमीत कौर चावला के नेतृत्व में STF की टीम इस पूरे अभियान को चला रही है। टीम में सात निरीक्षक शामिल हैं।
दो महीने में 1162 लोगों की हुई जांच

पुलिस ने बताया कि विशेष अभियान के तहत पिछले दो महीनों में जिले के अलग-अलग स्थानों पर लोगों की पहचान और दस्तावेजों का सत्यापन किया गया।
इस दौरान करीब 1,162 लोगों की जांच की गई। पुलिस के अनुसार, जांच में 23 लोगों के दस्तावेज संदिग्ध पाए गए और इनके द्वारा कथित तौर पर गलत या फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने की बात सामने आई।
इसके बाद पुलिस ने इन लोगों की पहचान और पते की पुष्टि के लिए आगे सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की।
पश्चिम बंगाल में भी कराया गया दस्तावेजों का सत्यापन
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों ने पहचान और पते की पुष्टि के लिए पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद, जंगीपुर और मालदा समेत कुछ इलाकों का निवासी होने का दावा किया था।
इसके बाद STF की अलग-अलग टीमों को संबंधित स्थानों पर भेजकर दस्तावेजों और पते का सत्यापन कराया गया। पुलिस का दावा है कि सत्यापन के दौरान इन लोगों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी और दस्तावेजों में कथित तौर पर गड़बड़ी सामने आई।
हालांकि, मामले में आगे की कानूनी स्थिति जांच और आधिकारिक सत्यापन के बाद ही स्पष्ट होगी।
बिलासपुर में फेरी लगाने का करते थे काम
पूछताछ और शुरुआती जांच के मुताबिक, ये संदिग्ध लोग बिलासपुर में फेरी लगाकर सामान बेचने का काम करते थे। पुलिस के अनुसार, इनका जिले में पिछले करीब दो वर्षों से आना-जाना था।
पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये लोग कहां-कहां रह रहे थे और इनके दस्तावेज किस तरह तैयार किए गए। इसके अलावा इनके स्थानीय संपर्कों और पहचान से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
रायपुर के निरुद्ध केंद्र भेजे गए

पुलिस के मुताबिक, सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में रहने वाले इन 23 संदिग्धों को सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने तक रायपुर के एक निरुद्ध केंद्र भेजा गया है।
उन्हें चार सितंबर को वहां भेजे जाने की जानकारी दी गई है। अब आगे की कार्रवाई दस्तावेजों के सत्यापन और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर होगी।
STF चला रही है विशेष अभियान
बिलासपुर पुलिस के अनुसार, STF का यह अभियान अवैध रूप से रह रहे संदिग्ध प्रवासियों और बिना वैध दस्तावेजों के रहने वाले लोगों की पहचान के लिए चलाया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि अभियान के दौरान दस्तावेजों और पहचान की जानकारी का सत्यापन किया जा रहा है। Bilaspur News में सामने आए इस मामले के बाद जिले में संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान और दस्तावेजों की जांच को लेकर पुलिस की कार्रवाई चर्चा में है।
आगे की जांच में क्या होगा?
फिलहाल 23 संदिग्धों को हिरासत में लेकर सत्यापन प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इनके दस्तावेज वास्तव में फर्जी हैं या उनमें किस स्तर पर अनियमितता हुई है।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इन लोगों के खिलाफ आगे कौन-सी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई दस्तावेज सत्यापन और संदिग्ध पहचान की जांच पर केंद्रित है।