Bilaspur News Today: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से स्कूल परिसर में छात्रा की अचानक तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। सीपत क्षेत्र के एक शासकीय स्कूल में 12वीं कक्षा की छात्रा प्रार्थना के दौरान अचानक चक्कर खाकर गिर गई। हालत बिगड़ने के बाद स्कूल स्टाफ ने तत्काल परिजनों को सूचना दी और छात्रा को अस्पताल पहुंचाया गया।
छात्रा के स्कूल बैग की जांच के दौरान उसमें नींद की गोलियों का खाली रैपर मिलने की बात सामने आई है। इसके बाद छात्रा द्वारा नींद की गोलियां खाने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि छात्रा ने गोलियां किस कारण से खाईं।
प्रार्थना के दौरान अचानक बिगड़ी तबीयत

मिली जानकारी के अनुसार मामला खैरा डगनिया शासकीय हाई स्कूल का है। यहां 18 वर्षीय शिवानी केंवट 12वीं कक्षा में पढ़ाई करती है।
बताया गया कि छात्रा रोज की तरह स्कूल पहुंची थी। सुबह स्कूल में प्रार्थना के दौरान अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई। उसे चक्कर आया और वह गिर गई। छात्रा की हालत बिगड़ती देखकर स्कूल में मौजूद स्टाफ ने तुरंत स्थिति संभाली और उसके परिजनों को इसकी जानकारी दी।
इसके बाद छात्रा को इलाज के लिए सिम्स अस्पताल, बिलासपुर में भर्ती कराया गया।
जानकारी के मुताबिक मामला खैरा डगनिया शासकीय हाई स्कूल (Khaira Daganiya school) का है, जहां 18 वर्षीय शिवानी केंवट रोजाना लोक तरह बैग लेकर स्कूल आई थी। प्रार्थना के दौरान अचानक शिवानी की तबीयत खराब हो गई और वो चक्कर खाकर गिर गई। छात्रा की हालत बिगड़ते देख स्कूल स्टाफ से परिजनों को सूचना देते हुए उसे तत्काल सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया।
बैग से मिला नींद की गोलियों का खाली रैपर

मामले में सबसे अहम बात छात्रा के स्कूल बैग से नींद की गोलियों का खाली रैपर मिलने की बताई जा रही है। इसके बाद छात्रा के नींद की गोलियां खाने की आशंका सामने आई है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, छात्रा ने इससे पहले भी नींद की गोली ली थी। अब ऐसी आशंका जताई जा रही है कि इस बार उसने अधिक मात्रा में दवा का सेवन किया होगा। हालांकि, दवा कितनी मात्रा में ली गई और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था, इसकी अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
छात्रा के बैग से नींद की गोली का खाली रैपर मिला है। बताया जा रहा छात्रा ने इससे पहले भी नींद की गोली खाई थी और फिर नींद की गोली का ओवरडोज ले लिया। हालांकि, छात्रा ने नींद की गोली क्यों खाई है। ये फिलहाल स्पष्ट नहीं हुआ है। डिप्रेशन या किसी विवाद के कारण नींद की गोली खाने की आशंका जताई जा रही है। छात्रा की हालत स्थिर है। परिजनों व स्कूल स्टाफ से कारणों को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है।
छात्रा ने नींद की गोलियां क्यों खाईं?

इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर छात्रा ने नींद की गोलियां क्यों खाईं। फिलहाल इसके पीछे किसी निश्चित कारण की पुष्टि नहीं हुई है।
प्रारंभिक तौर पर मानसिक तनाव, डिप्रेशन या किसी व्यक्तिगत विवाद जैसी वजहों की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इन कारणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। छात्रा, उसके परिजनों और स्कूल स्टाफ से जानकारी जुटाने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
छात्रा की हालत स्थिर
अस्पताल में भर्ती छात्रा की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। घटना के बाद स्कूल में भी कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
फिलहाल मामले में यह स्पष्ट होना बाकी है कि छात्रा ने दवा कब और कितनी मात्रा में ली थी। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि उसके पास नींद की गोलियां कहां से आईं।
Bilaspur News Today से सामने आए इस मामले ने स्कूल में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और उनकी मानसिक स्थिति को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, घटना के कारणों को लेकर अभी जांच और जानकारी जुटाने की प्रक्रिया जारी है। इसलिए छात्रा द्वारा नींद की गोलियां लेने के पीछे किसी एक वजह को जिम्मेदार मानना फिलहाल उचित नहीं होगा।