Gwalior Children Food Poisoning News ग्वालियर के हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के सिरसौद गांव में 18 बच्चों ने जहरीला फल खा लिया। जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई। सभी बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। सभी बच्चे गांव में हो रहे कथा भागवत के भंडारे में खाना खाने के लिए जा रहे थे। साथ बड़ी संख्या में बच्चों की तबीयत बिगड़ने से पूरे गांव में हड़कंप मच गया।
दअरसल, गांव में भागवत कथा और भंडारे का आयोजन चल रहा था। बच्चे कथा और भंडारे में जा रहे थे। रास्ते में खेत के किनारे लगे रतनजोत (Ratanjot Fruit Poisoning) के पौधे के फल को बच्चों ने ड्राई फ्रूट समझकर खा लिया। घर पहुंचने पर सभी बच्चों को पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। परिजन घबराकर आनन-फानन में सभी बच्चों को जिला अस्पताल मुरार लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद सभी को जयारोग्य अस्पताल समूह के कमलाराजा अस्पताल पीआईसीयू में रेफर कर दिया।
Gwalior Children Food Poisoning News हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के सिरसौद गांव से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां 18 बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है
फल खाने के कुछ समय बाद बच्चों को पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसी शिकायतें होने लगीं। एक साथ कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने से परिजन घबरा गए और उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
कथा-भागवत में जा रहे थे बच्चे
जानकारी के मुताबिक, सिरसौद गांव में इन दिनों कथा-भागवत और भंडारे का आयोजन चल रहा है। बड़ी संख्या में बच्चे भी कथा और भंडारे में शामिल होने के लिए जा रहे थे।
इसी दौरान रास्ते में खेत के किनारे लगे रतनजोत के पौधे पर बच्चों की नजर पड़ी। बताया जा रहा है कि बच्चों ने उसके फल को ड्राई फ्रूट समझ लिया और उसे खा लिया।
घर पहुंचने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत हुई। इसके बाद परिजनों ने बिना देरी किए बच्चों को अस्पताल पहुंचाया।
18 बच्चों को अस्पताल में कराया गया भर्ती

बच्चों को पहले जिला अस्पताल मुरार ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद कुछ बच्चों को आगे के इलाज के लिए जयारोग्य अस्पताल समूह के कमलाराजा अस्पताल भेजा गया।
जानकारी के अनुसार, बीमार बच्चों की उम्र करीब 5 से 15 साल के बीच है। इनमें 5 बच्चियां और 13 बच्चे शामिल हैं।
अस्पताल में भर्ती बच्चों में तन्नू, सुमित, गौरव, प्रवीण, दिव्या, दिशा, पूजा और आरती समेत अन्य बच्चे शामिल बताए गए हैं।
कुछ बच्चों को PICU और SDU में रखा गया

Gwalior Children Food Poisoning News के मुताबिक, बच्चों की स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर रख रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 3 बच्चों को PICU, जबकि 9 बच्चों को SDU में भर्ती कराया गया।
इसके अलावा 3 बच्चों को हजार बिस्तर अस्पताल और 3 बच्चों को निजी अस्पताल में भर्ती कराए जाने की जानकारी सामने आई है।
कुछ बच्चों के हार्ट रेट और ऑक्सीजन लेवल की भी जांच की गई। इलाज के बाद सभी बच्चों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
परिजनों ने बताई पूरी घटना
बीमार बच्चों में से एक के पिता रामपाल कुशवाह के मुताबिक, गांव में कथा-भागवत और भंडारे का आयोजन चल रहा था। बच्चे भी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जा रहे थे।
रास्ते में खेत के किनारे लगे पौधे के फल को बच्चों ने ड्राई फ्रूट समझकर खा लिया। इसके बाद घर पहुंचने पर बच्चों को पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी।
बच्चों की तबीयत एक साथ बिगड़ने के बाद परिजन उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचे।
रतनजोत का फल बना परेशानी की वजह
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, बच्चों ने जिस फल को खाया था, उसे रतनजोत का फल बताया जा रहा है। इसे लेकर बच्चों और परिजनों में भी भ्रम की स्थिति बनी।
घटना के बाद गांव में भी हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में बच्चों के एक साथ बीमार पड़ने से परिजन चिंतित हो गए और सभी को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
डॉक्टरों की निगरानी में बच्चों का इलाज

फिलहाल बच्चों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर रख रहे हैं और जरूरत के अनुसार उपचार दिया जा रहा है।
एक साथ कई बच्चों के बीमार होने की घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन भी मामले पर नजर रख रहा है। हालांकि, बच्चों की हालत खतरे से बाहर बताई गई है, जिससे परिजनों को राहत मिली है।
Gwalior Children Food Poisoning News का यह मामला बच्चों की सुरक्षा और अनजान फल-पौधों को खाने से होने वाले संभावित खतरे को भी सामने लाता है। किसी भी अज्ञात फल या पौधे को बिना पहचान और विशेषज्ञ की जानकारी के खाना जोखिम भरा हो सकता है।