नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान से होगा, CM फडणवीस का ऐलान

Spread the love

नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। दिग्गज अभिनेता के निधन के बाद महाराष्ट्र सरकार ने यह बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अभिनेता के परिवार से बातचीत कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं और परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आने के बाद हिंदी सिनेमा, मराठी रंगमंच और उनके प्रशंसकों के बीच शोक की लहर है।

75 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले नाना पाटेकर अपने दमदार अभिनय, प्रभावशाली संवाद अदायगी और अलग-अलग तरह के किरदारों के लिए जाने जाते थे। अभिनय के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों पर उनकी सक्रियता और किसानों के लिए किए गए काम ने उन्हें सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़े व्यक्तित्व के रूप में भी पहचान दिलाई।

राजकीय सम्मान के साथ होगा नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार

नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान से होगा, CM फडणवीस का ऐलान

महाराष्ट्र सरकार ने नाना पाटेकर के योगदान को देखते हुए उनके अंतिम संस्कार को राजकीय सम्मान के साथ कराने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर से फोन पर बातचीत की और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

मुख्यमंत्री ने परिवार को भरोसा दिलाया कि सरकार की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार की ओर से नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार की तैयारियां भी की जा रही हैं।

मराठी रंगमंच और हिंदी तथा मराठी सिनेमा में नाना पाटेकर के लंबे योगदान को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार का यह निर्णय उनके प्रशंसकों और फिल्म जगत के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पुणे में होगा अंतिम संस्कार

सामने आई जानकारी के अनुसार, नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार गुरुवार को पुणे के बाहरी इलाके में स्थित उनके फार्महाउस परिसर में किया जाएगा।

बताया गया है कि अभिनेता का पार्थिव शरीर गुरुवार शाम करीब 5 बजे पुणे लाया जाएगा। इसके बाद कुछ समय के लिए पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। अंतिम दर्शन के बाद फार्महाउस परिसर में ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी किए जाने की जानकारी सामने आई है।

नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार को लेकर उनके प्रशंसकों और फिल्म जगत से जुड़े लोगों में भी भावुक माहौल है। बड़ी संख्या में लोग अपने पसंदीदा अभिनेता को अंतिम विदाई देने पहुंच सकते हैं।

आशीष शेलार ने बताया क्यों दिया गया राजकीय सम्मान

सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने नाना पाटेकर को राजकीय सम्मान दिए जाने के फैसले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मराठी रंगमंच के साथ-साथ मराठी और हिंदी सिनेमा में अभिनेता के अतुलनीय योगदान को देखते हुए यह सम्मान दिया जा रहा है।

आशीष शेलार के मुताबिक, नाना पाटेकर केवल एक अभिनेता नहीं थे। वे समाज के अलग-अलग वर्गों के मुद्दों को भी मजबूती से उठाते रहे। किसानों से लेकर सैनिकों तक कई सामाजिक मुद्दों पर उन्होंने अपनी आवाज बुलंद की।

किसानों की समस्याओं को लेकर नाना पाटेकर कई बार सरकार और व्यवस्था के सामने अपनी बात बेबाक तरीके से रखते दिखाई दिए। यही वजह है कि उनके अभिनय के साथ-साथ सामाजिक सक्रियता को भी उनकी पहचान का अहम हिस्सा माना जाता है।

आखिरी समय में भतीजे के साथ थे नाना पाटेकर

सामने आई जानकारी के मुताबिक, नाना पाटेकर अपने घर पर अपने भतीजे प्रसाद पाटेकर के साथ थे। बताया गया कि बीती रात से ही उन्हें सिरदर्द की शिकायत थी।

इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और वे अचेत हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

नाना पाटेकर के अचानक निधन की खबर ने उनके परिवार, प्रशंसकों और फिल्म जगत को गहरा सदमा पहुंचाया है। उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी उन्हें श्रद्धांजलि देने का सिलसिला शुरू हो गया।

फिल्मों में छोड़ी अमिट छाप

नाना पाटेकर का फिल्मी करियर कई दशकों तक फैला रहा। उन्होंने अपने करियर में गंभीर, सामाजिक, भावनात्मक और कॉमेडी सहित अलग-अलग तरह के किरदार निभाए। उनकी संवाद अदायगी और अभिनय की खास शैली ने उन्हें बॉलीवुड के सबसे अलग अभिनेताओं में जगह दिलाई।

‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘वेलकम’ और ‘टैक्सी नंबर 9211’ जैसी फिल्मों में उनके किरदारों को दर्शकों ने खूब पसंद किया। मराठी सिनेमा में भी उन्होंने अपनी मजबूत पहचान बनाई।

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता मराठी फिल्म ‘नटसम्राट’ में उनके अभिनय को भी विशेष रूप से याद किया जाता है। रंगमंच से लेकर बड़े पर्दे तक नाना पाटेकर ने अपने अभिनय की अलग छाप छोड़ी।

उनकी खासियत यह रही कि वे सिर्फ मुख्यधारा की फिल्मों तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने ऐसे किरदार भी निभाए, जिनमें सामाजिक और मानवीय भावनाओं को प्रमुखता दी गई।

किसानों के लिए भी किया काम

अभिनय के अलावा नाना पाटेकर सामाजिक कार्यों के लिए भी जाने जाते रहे। उन्होंने अभिनेता मकरंद अनासपुरे के साथ मिलकर ‘नाम फाउंडेशन’ की स्थापना की थी।

इस संस्था के माध्यम से महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त क्षेत्रों में किसानों की मदद, जल संरक्षण और किसान परिवारों से जुड़े कई मुद्दों पर काम किया गया। किसान आत्महत्या जैसे गंभीर विषय को लेकर भी नाना पाटेकर ने लगातार चिंता जताई।

किसानों के बच्चों की शिक्षा और ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को लेकर भी संस्था के माध्यम से सहायता पहुंचाने के प्रयास किए गए। यही वजह है कि नाना पाटेकर की पहचान सिर्फ एक सफल अभिनेता के तौर पर नहीं, बल्कि सामाजिक मुद्दों पर अपनी आवाज उठाने वाले व्यक्ति के रूप में भी बनी।

सिनेमा और समाज दोनों में याद किए जाएंगे

नाना पाटेकर का योगदान अभिनय की दुनिया तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने अपने किरदारों के जरिए दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी और सामाजिक मुद्दों पर अपनी बेबाक राय के कारण भी अलग पहचान बनाई।

उनके निधन से हिंदी सिनेमा और मराठी रंगमंच ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया है, जिसकी अभिनय शैली और व्यक्तित्व दोनों ही बेहद अलग थे। महाराष्ट्र सरकार द्वारा नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किए जाने का फैसला उनके कला और सामाजिक योगदान के प्रति सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।

पुणे में होने वाले अंतिम संस्कार के साथ नाना पाटेकर को उनके परिवार, फिल्म जगत और उनके चाहने वाले अंतिम विदाई देंगे। उनका अभिनय, उनके यादगार किरदार और सामाजिक कार्य लंबे समय तक लोगों के बीच चर्चा में बने रहेंगे।

जरुर पढ़ें

InkLink News Agency is a fast-growing digital news agency and aggregator delivering accurate, timely, and reliable updates across India. We provide dedicated coverage for India, Chhattisgarh, and Madhya Pradesh, along with in-depth reporting across key categories including Business, Technology, Politics, Crime, Literature, and more.

Stay informed. Stay connected. Stay ahead with InkLink News Agency.