Chhattisgarh Road Accident: दशहरे की रात 2 जिलों में 4 लोगों की मौत, 24 से ज्यादा घायल, कांकेर में चक्काजाम

Spread the love

Chhattisgarh Road Accident: छत्तीसगढ़ में दशहरे के दौरान दो जिलों में हुए सड़क हादसों ने त्योहार की खुशियों को मातम में बदल दिया। कांकेर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में हुई अलग-अलग दुर्घटनाओं में कुल चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 24 से अधिक लोग घायल हुए हैं। कांकेर में नंदनमारा के पास दो युवकों की मौत के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। बुधवार सुबह ग्रामीणों ने बाइपास मार्ग पर चक्काजाम कर सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग उठाई।

वहीं, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में दशहरे की रात अलग-अलग स्थानों पर हुए हादसों में दो लोगों की जान चली गई। घायलों में तीन की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बिलासपुर स्थित सिम्स रेफर किया गया। अन्य घायलों का इलाज जिला अस्पताल में जारी है।

Chhattisgarh Road Accident: कांकेर में दो युवकों की मौत, ग्रामीणों का चक्काजाम

Chhattisgarh Road Accident: दशहरे की रात 2 जिलों में 4 लोगों की मौत, 24 से ज्यादा घायल, कांकेर में चक्काजाम

Chhattisgarh Road Accident की पहली घटना कांकेर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के नंदनमारा की है। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार रात यहां हुए सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई। दोनों युवक नंदनमारा के निवासी बताए गए हैं।

हादसे की खबर फैलते ही इलाके में शोक के साथ नाराजगी भी बढ़ गई। ग्रामीणों का कहना है कि बाइपास मार्ग पर पर्याप्त रोशनी और यातायात सुरक्षा के इंतजाम होने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

बाइपास पर लाइट और स्पीड ब्रेकर लगाने की मांग

दो युवकों की मौत के बाद बुधवार सुबह ग्रामीणों ने बाइपास मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन में महिलाएं और बच्चियां भी शामिल हुईं। ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि सड़क पर पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था की जाए, स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए जाएं।

ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक चक्काजाम जारी रखा जाएगा। इस प्रदर्शन के कारण मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस

चक्काजाम की सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे।

प्रदर्शन कर रहे लोगों की मांग है कि केवल आश्वासन देने के बजाय बाइपास पर सुरक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। फिलहाल, प्रशासन की ओर से मांगों पर क्या निर्णय लिया गया, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

GPM जिले में दशहरे की रात कई सड़क हादसे

दूसरी बड़ी घटना गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की है, जहां दशहरे की रात अलग-अलग स्थानों पर हुए सड़क हादसों में दो लोगों की मौत हो गई। त्योहार के दौरान हुए इन हादसों में करीब 24 या उससे अधिक लोग दुर्घटनाओं का शिकार हुए।

जानकारी के अनुसार, कई लोग दशहरा मेले से लौटते समय हादसों में घायल हुए। अधिकांश दुर्घटनाओं में बाइक सवारों के घायल होने की बात सामने आई है। कुछ लोगों के नशे की हालत में गिरने से चोटिल होने की जानकारी भी दी गई है, हालांकि हर दुर्घटना का कारण अलग-अलग जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

त्योहार के दौरान रातभर घायलों को अस्पताल पहुंचाने का सिलसिला जारी रहा। कुछ घायलों को निजी वाहनों से अस्पताल लाया गया, जबकि अन्य को 112 और 108 एंबुलेंस सेवाओं की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

तीन गंभीर घायलों को बिलासपुर सिम्स किया गया रेफर

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में हुए हादसों के बाद घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार, गंभीर रूप से घायल तीन लोगों को प्राथमिक उपचार देने के बाद बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) रेफर किया गया।

करीब 19 घायलों का इलाज जिला अस्पताल में जारी होने की जानकारी दी गई है। डॉक्टरों के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई गई है।

हालांकि, हादसों में घायल सभी लोगों की अंतिम संख्या और उनकी स्थिति की विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आने पर ही नुकसान का पूरा आकलन किया जा सकेगा।

मेले से लौटते समय हादसे, रातभर अस्पताल पहुंचते रहे घायल

दशहरा उत्सव के बाद देर रात घर लौटने के दौरान सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है। GPM जिले में सामने आई जानकारी के मुताबिक, कई बाइक सवार मेले से लौटते समय दुर्घटनाओं का शिकार हुए। कुछ लोगों के नशे की हालत में गिरने से घायल होने की बात भी कही गई है।

ऐसे मामलों में तेज रफ्तार, कम रोशनी, हेलमेट का इस्तेमाल न करना और नशे की हालत में वाहन चलाना दुर्घटना के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। हालांकि, इन हादसों के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही की जा सकती है।

रातभर घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस और निजी वाहनों का इस्तेमाल किया गया। आपातकालीन सेवाओं की मदद से घायलों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया।

सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

Chhattisgarh Road Accident की इन घटनाओं ने त्योहारों के दौरान सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की जरूरत को फिर सामने ला दिया है। कांकेर में ग्रामीणों का विरोध विशेष रूप से बाइपास मार्ग पर रोशनी, स्पीड ब्रेकर और अन्य सुरक्षा इंतजामों की मांग से जुड़ा है।

वहीं, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में एक ही रात कई लोगों के घायल होने की घटना ने त्योहारों के दौरान वाहन चालकों की सावधानी और यातायात नियमों के पालन के महत्व को रेखांकित किया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, रात में वाहन चलाते समय निर्धारित गति का पालन करना, दोपहिया वाहन पर हेलमेट पहनना, शराब पीकर वाहन न चलाना और सड़क पर पर्याप्त दूरी बनाए रखना दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।

दो जिलों में हादसों से मातम, सुरक्षा इंतजामों पर निगाहें

कांकेर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में हुए हादसों में चार लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने से परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। कांकेर में ग्रामीणों ने सड़क सुरक्षा को लेकर चक्काजाम किया और प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग की है।

दूसरी ओर, GPM जिले में घायलों का इलाज जारी है। अब प्रशासनिक कार्रवाई, हादसों की जांच और सड़क सुरक्षा से जुड़े कदमों पर नजर रहेगी। इन घटनाओं से यह सवाल भी उठता है कि त्योहारों के दौरान भीड़भाड़ वाले मार्गों और बाइपास क्षेत्रों में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कितनी प्रभावी है।

जरुर पढ़ें

InkLink News Agency is a fast-growing digital news agency and aggregator delivering accurate, timely, and reliable updates across India. We provide dedicated coverage for India, Chhattisgarh, and Madhya Pradesh, along with in-depth reporting across key categories including Business, Technology, Politics, Crime, Literature, and more.

Stay informed. Stay connected. Stay ahead with InkLink News Agency.