Rohit-Virat 2027 World Cup: भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली 2027 के वनडे वर्ल्ड कप में खेलते नजर आएंगे या नहीं, यह सवाल लगातार चर्चा में है। अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने दोनों खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर अपनी राय रखी है। उनका कहना है कि किसी खिलाड़ी के चयन का आधार उसकी उम्र नहीं, बल्कि फिटनेस और मैदान पर उसका प्रदर्शन होना चाहिए।
मिथुन मन्हास के इस बयान से रोहित और विराट के प्रशंसकों को उम्मीद जरूर मिली है। हालांकि, उनके बयान को दोनों खिलाड़ियों के 2027 वर्ल्ड कप में खेलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं माना जा सकता। अंतिम फैसला चयनकर्ताओं की योजना, खिलाड़ियों की फिटनेस, प्रदर्शन और टीम की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाएगा।
2027 का ICC पुरुष वनडे वर्ल्ड कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में आयोजित होना है। टूर्नामेंट को देखते हुए भारतीय टीम के भविष्य की रणनीति और युवा खिलाड़ियों को तैयार करने पर भी चर्चा तेज है।
BCCI अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने क्या कहा?

स्पोर्टस्टार को दिए इंटरव्यू में BCCI अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने रोहित शर्मा और विराट कोहली के चयन को लेकर अपनी सोच स्पष्ट की। उनके मुताबिक, किसी खिलाड़ी की उम्र को अकेले चयन का पैमाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
मन्हास ने कहा कि अगर कोई खिलाड़ी फिट है, अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और देश के लिए मैच जीतने में योगदान दे रहा है, तो चयन के दौरान इन बातों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
उनके बयान का मुख्य संदेश यही है कि अनुभवी खिलाड़ियों को केवल उम्र के आधार पर टीम से बाहर करने के बजाय उनके मौजूदा प्रदर्शन और फिटनेस का आकलन किया जाना चाहिए।
हालांकि, यह BCCI अध्यक्ष की राय है। इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि रोहित और विराट का वर्ल्ड कप स्क्वॉड में स्थान पहले से तय हो गया है। दोनों खिलाड़ियों को टूर्नामेंट तक लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा और टीम की योजनाओं के अनुरूप अपनी उपयोगिता साबित करनी होगी।
2027 में कितनी होगी रोहित शर्मा और विराट कोहली की उम्र?

2027 के वनडे वर्ल्ड कप तक रोहित शर्मा 40 वर्ष के हो जाएंगे, जबकि विराट कोहली की उम्र 38 वर्ष होगी। इसी वजह से दोनों के अंतरराष्ट्रीय करियर और अगले वर्ल्ड कप में उनकी संभावित भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
रोहित और विराट दोनों भारतीय टीम के अनुभवी बल्लेबाजों में शामिल हैं। बड़े मुकाबलों का अनुभव, दबाव में बल्लेबाजी और टीम को मुश्किल परिस्थितियों से निकालने की क्षमता उनकी अहम विशेषताएं रही हैं।
दोनों अब टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं और वनडे क्रिकेट में सक्रिय हैं। ऐसे में 2027 का वनडे वर्ल्ड कप उनके करियर के अगले बड़े लक्ष्य के रूप में देखा जा रहा है।
लेकिन विश्व कप तक अभी समय है। इस दौरान खिलाड़ियों की फिटनेस, फॉर्म, कार्यभार और टीम के संयोजन में बदलाव उनके भविष्य को प्रभावित कर सकते हैं।
रोहित-विराट के चयन में किन बातों की होगी अहम भूमिका?
Rohit-Virat 2027 World Cup को लेकर चर्चा में सबसे अहम सवाल यही है कि चयनकर्ता दोनों खिलाड़ियों का आकलन किस आधार पर करेंगे। मन्हास के बयान के मुताबिक, फिटनेस और प्रदर्शन प्रमुख मानदंड होने चाहिए। इसके अलावा कुछ दूसरे पहलू भी महत्वपूर्ण रहेंगे।
- लगातार अच्छा प्रदर्शन: वनडे मुकाबलों में रन बनाने और टीम की जीत में योगदान देने की क्षमता अहम होगी।
- फिटनेस: लंबे टूर्नामेंट और लगातार मैचों के दौरान खेलने के लिए शारीरिक रूप से तैयार रहना जरूरी होगा।
- टीम की जरूरत: बल्लेबाजी क्रम, टीम संयोजन और विपक्षी टीमों के खिलाफ रणनीति को ध्यान में रखा जाएगा।
- अनुभव और नेतृत्व: बड़े टूर्नामेंट में दबाव संभालने और युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करने का अनुभव टीम के लिए उपयोगी हो सकता है।
- चयनकर्ताओं की योजना: अंतिम स्क्वॉड का फैसला टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं की रणनीति के अनुरूप होगा।
इसलिए फिलहाल रोहित और विराट के वर्ल्ड कप खेलने या नहीं खेलने पर अंतिम फैसला सुनाना जल्दबाजी होगी। उनके प्रदर्शन और उपलब्धता पर नजर बनी रहेगी।
शुभमन गिल की कप्तानी और सीनियर खिलाड़ियों का अनुभव

मिथुन मन्हास ने भारतीय टीम के भविष्य और शुभमन गिल की नेतृत्व क्षमता पर भी बात की। उनके मुताबिक, टीम में अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी युवा कप्तान के लिए मददगार साबित हो सकती है।
मन्हास ने शुभमन गिल के IPL में गुजरात टाइटंस की कप्तानी के अनुभव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गिल पिछले कुछ वर्षों से फ्रेंचाइजी टीम की कप्तानी कर रहे हैं और भारतीय टीम की कप्तानी का अनुभव भी हासिल कर चुके हैं।
उनके अनुसार, रोहित शर्मा, विराट कोहली और हार्दिक पांड्या जैसे खिलाड़ियों का अनुभव गिल के काम आ सकता है। वहीं, जसप्रीत बुमराह गेंदबाजी विभाग में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
सीनियर खिलाड़ियों का योगदान केवल रन बनाने या विकेट लेने तक सीमित नहीं होता। वे मैदान पर परिस्थितियों को समझने, दबाव के समय फैसले लेने और युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देने में भी मदद कर सकते हैं।
मन्हास ने इस संदर्भ में भारतीय क्रिकेट के पुराने दौर का उदाहरण भी दिया। विराट कोहली ने अपने शुरुआती करियर में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में खेलते हुए अनुभव हासिल किया था, जबकि धोनी को सौरव गांगुली के नेतृत्व में खेलने का अवसर मिला था।
यह उदाहरण बताता है कि टीम में अलग-अलग पीढ़ियों के खिलाड़ियों का साथ होना नेतृत्व और अनुभव के हस्तांतरण में मदद कर सकता है। हालांकि, टीम में किस खिलाड़ी को कौन-सी जिम्मेदारी दी जाएगी, यह आगे की रणनीति पर निर्भर करेगा।
न्यूजीलैंड दौरा होगा वनडे खिलाड़ियों के लिए अहम
भारतीय टीम का न्यूजीलैंड दौरा 22 अक्टूबर 2026 से शुरू हो रहा है। इस दौरे में पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले, पांच वनडे और दो टेस्ट मैच खेले जाने हैं। टी20 सीरीज के बाद वनडे मुकाबले 4 नवंबर से शुरू होंगे।
रोहित शर्मा और विराट कोहली वनडे सीरीज में खेलते नजर आएंगे। ऐसे में न्यूजीलैंड के खिलाफ उनके प्रदर्शन पर क्रिकेट प्रशंसकों की खास नजर रहेगी। यह सीरीज 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण होगी।
हालांकि, किसी एक सीरीज का प्रदर्शन ही विश्व कप चयन का अंतिम आधार नहीं होगा। टूर्नामेंट तक खिलाड़ियों का प्रदर्शन, फिटनेस और टीम की जरूरतें लगातार समीक्षा का हिस्सा रहेंगी।
क्या रोहित और विराट को मिलेगा आखिरी वनडे वर्ल्ड कप खेलने का मौका?
रोहित शर्मा और विराट कोहली के प्रशंसक दोनों को एक और वनडे वर्ल्ड कप में खेलते देखना चाहते हैं। 2023 में भारत में आयोजित वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में 2027 में भारतीय टीम की संभावित चुनौती को लेकर उत्सुकता बनी हुई है।
लेकिन किसी खिलाड़ी की व्यक्तिगत इच्छा या प्रशंसकों की उम्मीद से चयन तय नहीं होता। इसके लिए मैदान पर प्रदर्शन और टीम की रणनीति सबसे महत्वपूर्ण होगी।
BCCI अध्यक्ष मिथुन मन्हास के बयान से इतना स्पष्ट है कि उनके नजरिए में उम्र अकेले किसी खिलाड़ी को चयन से बाहर करने का आधार नहीं होनी चाहिए। रोहित शर्मा और विराट कोहली के लिए यह सकारात्मक संकेत है, लेकिन दोनों का 2027 वर्ल्ड कप खेलना अभी तय नहीं है।
अब निगाहें न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज और आने वाले महीनों में दोनों बल्लेबाजों के प्रदर्शन पर रहेंगी। यही प्रदर्शन उनके विश्व कप के दावेदार बने रहने में अहम भूमिका निभा सकता है।
रोहित शर्मा और विराट कोहली के 2027 वनडे वर्ल्ड कप खेलने पर अभी अंतिम मुहर नहीं लगी है। BCCI अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने फिटनेस और प्रदर्शन को प्राथमिकता देने की बात कही है। ऐसे में दोनों खिलाड़ियों के लिए विश्व कप की राह उनके आने वाले प्रदर्शन और चयनकर्ताओं के फैसले पर निर्भर करेगी।