Nitish Kumar Son Joins JDU: नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री, क्या बिहार की पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय नहीं?

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Nitish Kumar Son Joins JDU: पाटलिपुत्र में मुख्यमंत्री Nitish Kumar के बेटे Nishant Kumar की राजनीतिक लॉन्चिंग के साथ बिहार की राजनीति में नया अध्याय लिखा जा रहा है। पार्टी कार्यालय के बाहर उत्सव और शाही स्वागत के बीच कई लोग यह सवाल भी उठा रहे हैं कि क्या यह राजनीतिक ‘नेपोटिज्म’ नहीं है?

ये वही राज्य है जहाँ से निकलकर एक होनहार कलाकार Sushant Singh Rajput ने देश में अपनी पहचान बनाई, लेकिन जब उनकी आत्महत्या की खबर सामने आई तो बॉलीवुड के नेपोटिस्म को जिम्मेदार ठहराया गया। और बॉलीवुड को खूब खरी-खोटी सुनाई गई।

कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय का सवाल

पार्टी में लंबे समय से काम कर रहे नेता और कार्यकर्ता जिन्होंने JDU को इस मुकाम तक पहुँचाया, वे वर्षों तक पार्टी के लिए जी-जान लगा चुके हैं। सवाल यह उठता है कि क्या उनके साथ अन्याय नहीं हो रहा, जब पार्टी की मुख्य भूमिका अब मुख्यमंत्री के बेटे के हाथ में सौंप दी जा रही है?

निशांत कुमार की एंट्री और पार्टी की दिशा

पार्टी सूत्रों के अनुसार, निशांत कुमार जॉइनिंग के तुरंत बाद बिहार के विभिन्न जिलों की यात्रा करेंगे और ‘मिशन बिहार’ पर काम करेंगे। वहीं राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नीतीश कुमार अब केंद्र की राजनीति में सक्रिय होंगे और राज्य में अपनी विरासत बेटे को सौंप रहे हैं।

डिप्टी CM बनने का निर्णय

बैठक में यह तय किया गया कि नई सरकार में निशांत कुमार को डिप्टी CM बनाया जाएगा। उन्हें लेजिस्लेटिव काउंसिल के लिए अप्रैल में चुना जाएगा। हालांकि यह निर्णय पारिवारिक और संगठनात्मक मजबूती से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन कार्यकर्ताओं और आम जनता के लिए यह अन्याय और असंतोष का कारण भी बन सकता है।

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