birgaon voter list : वोटरलिस्ट में ऐसी गलती, पूर्व महिला महापौर को बना दिया पुरुष, नंदलाल देवांगन का जेंडर लिखा महिला

Spread the love

birgaon voter list : बीरगांव मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर छत्तीसगढ़ में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। दिसंबर में प्रस्तावित नगर निगम चुनाव से पहले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद जारी ऑनलाइन वोटर लिस्ट में कई मतदाताओं के जेंडर संबंधी विवरण गलत दर्ज होने का आरोप लगाया गया है। दावा है कि भाजपा की पूर्व महिला महापौर अम्बिका यदु को पुरुष और वर्तमान महापौर नंदलाल देवांगन को महिला मतदाता के रूप में दर्ज किया गया है।

इस मामले को लेकर बीरगांव के महापौर नंदलाल देवांगन ने भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में नाम और अन्य विवरणों के साथ जानबूझकर गड़बड़ी की गई है। वहीं, छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने भी SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे वोट चोरी से जोड़ा है।

हालांकि, मतदाता सूची में सामने आई कथित गलतियों और उनके कारणों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। संबंधित निर्वाचन अधिकारियों की ओर से जांच या सुधार को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

SIR के बाद भी मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप

birgaon voter list : वोटरलिस्ट में ऐसी गलती, पूर्व महिला महापौर को बना दिया पुरुष, नंदलाल देवांगन का जेंडर लिखा महिला

बीरगांव नगर निगम में आगामी दिसंबर में चुनाव प्रस्तावित हैं। चुनाव से पहले मतदाता सूची का सही होना बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी सूची के आधार पर पात्र नागरिक अपने मताधिकार का इस्तेमाल करते हैं।

इसी बीच, विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद जारी ऑनलाइन मतदाता सूची में कई प्रविष्टियों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि कुछ पुरुष मतदाताओं को महिला और कुछ महिला मतदाताओं को पुरुष के रूप में दर्ज किया गया है।

मामला इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि मतदाता सूची में सुधार और सत्यापन के उद्देश्य से पुनरीक्षण की प्रक्रिया अपनाई जाती है। ऐसे में यदि अंतिम सूची से पहले इस तरह की गलतियां सामने आती हैं, तो उनके सुधार और सत्यापन की प्रक्रिया महत्वपूर्ण हो जाती है।

मतदाता सूची में किसी व्यक्ति का नाम, उम्र, पता या जेंडर गलत दर्ज होने से उसे अपनी जानकारी दुरुस्त कराने के लिए आवेदन करना पड़ सकता है। इसलिए चुनाव से पहले मतदाताओं के विवरणों की जांच और शिकायतों का समय पर निराकरण जरूरी है।

पूर्व महापौर अम्बिका यदु को पुरुष दर्ज करने का दावा

बीरगांव मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी के जिन उदाहरणों का उल्लेख किया जा रहा है, उनमें भाजपा की पूर्व महापौर अम्बिका यदु का नाम भी शामिल है।

आरोप है कि ऑनलाइन वोटर लिस्ट में अम्बिका यदु को पुरुष मतदाता के रूप में दर्ज किया गया है। वहीं, वर्तमान महापौर नंदलाल देवांगन के नाम के सामने महिला जेंडर दर्ज होने का दावा किया गया है।

इसके अलावा, नगर निगम के कुछ पुरुष पार्षदों के जेंडर संबंधी विवरणों में भी गलतियां होने की बात कही गई है। हालांकि, इन सभी प्रविष्टियों की आधिकारिक पुष्टि और संबंधित रिकॉर्ड की स्वतंत्र जांच की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

यदि मतदाता सूची में ऐसी त्रुटियां हुई हैं, तो संबंधित निर्वाचन अधिकारियों के लिए उनकी जांच कर सही विवरण दर्ज करना महत्वपूर्ण होगा। इससे मतदाताओं को परेशानी से बचाने के साथ चुनावी प्रक्रिया में भरोसा बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है।

नंदलाल देवांगन ने भाजपा पर लगाए वोट चोरी की साजिश के आरोप

बीरगांव के महापौर नंदलाल देवांगन ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि उनके नाम के साथ-साथ उनके बेटे की प्रविष्टि में भी महिला जेंडर दर्ज किया गया है।

महापौर के मुताबिक, नगर निगम के सभापति और कुछ पार्षदों के विवरणों में भी गलतियां हैं। उन्होंने दावा किया कि कई लोगों के नाम और जेंडर संबंधी जानकारी गलत तरीके से दर्ज की गई है।

नंदलाल देवांगन ने इन कथित त्रुटियों को राजनीतिक साजिश बताते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूची में गड़बड़ी के पीछे वोट चोरी का उद्देश्य हो सकता है। हालांकि, यह उनका आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

इस मामले में यह स्पष्ट होना बाकी है कि गलत प्रविष्टियां किस स्तर पर हुईं, कितने मतदाता इससे प्रभावित हैं और क्या ये तकनीकी या डेटा एंट्री संबंधी त्रुटियां हैं। इन सवालों का जवाब संबंधित रिकॉर्ड की जांच के बाद ही मिल सकेगा।

भाजपा की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है। पार्टी का पक्ष सामने आने पर विवाद की दूसरी तरफ की स्थिति भी स्पष्ट हो सकेगी।

दीपक बैज ने SIR की प्रक्रिया पर उठाए सवाल

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने भी बीरगांव की मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर प्रतिक्रिया दी है।

बैज ने आरोप लगाया कि SIR के दौरान कई तरह की गलतियां सामने आ रही हैं। उनके मुताबिक, मतदाता सूची में महिलाओं को पुरुष और पुरुषों को महिला दर्ज किए जाने के मामले प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुनरीक्षण के दौरान जानबूझकर मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं। बैज ने SIR को वोट चोरी का माध्यम बताते हुए मतदाता सूची की शुद्धता और पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

कांग्रेस की ओर से उठाए गए इन सवालों के बीच यह जरूरी है कि मतदाता सूची में कथित त्रुटियों की जांच तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर की जाए। किसी भी राजनीतिक आरोप की पुष्टि के लिए संबंधित निर्वाचन रिकॉर्ड और आधिकारिक जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।

दिसंबर में प्रस्तावित हैं बीरगांव नगर निगम चुनाव

बीरगांव नगर निगम में दिसंबर में चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में मतदाता सूची में जेंडर और अन्य विवरणों को लेकर उठे सवाल चुनावी प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण हो गए हैं।

चुनाव से पहले मतदाता सूची में पात्र नागरिकों के नाम और विवरण सही होना आवश्यक है। यदि किसी मतदाता की प्रविष्टि में गलती है, तो संबंधित अधिकारी को उसकी शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।

इस मामले में कुछ प्रमुख सवालों के जवाब सामने आना बाकी हैं:

  • ऑनलाइन मतदाता सूची में कथित गलतियां कैसे हुईं?
  • कितने मतदाताओं के नाम या जेंडर संबंधी विवरण प्रभावित हुए हैं?
  • क्या इन गलतियों को सुधारने के लिए कोई आधिकारिक प्रक्रिया शुरू की गई है?
  • शिकायतों की जांच कौन करेगा और सुधार कब तक होगा?

इन सवालों पर निर्वाचन अधिकारियों की प्रतिक्रिया और कार्रवाई से विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता क्यों जरूरी?

मतदाता सूची चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार होती है। इसमें नाम, उम्र, पता और अन्य विवरणों की सटीकता सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि पात्र मतदाता बिना परेशानी के अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें।

यदि किसी व्यक्ति का जेंडर या अन्य जानकारी गलत दर्ज हो जाती है, तो उसे अपनी प्रविष्टि में सुधार कराने के लिए संबंधित निर्वाचन कार्यालय से संपर्क करना पड़ सकता है। इसलिए मतदाताओं को भी समय रहते अपनी जानकारी जांचने और गलती मिलने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत शिकायत दर्ज कराने की जरूरत है।

बीरगांव में सामने आया मामला अब केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहना चाहिए। कथित गलतियों की जांच, प्रभावित मतदाताओं की पहचान और आवश्यक सुधार से ही विवाद का समाधान संभव है।

अब निर्वाचन अधिकारियों की कार्रवाई पर नजर

बीरगांव मतदाता सूची में जेंडर संबंधी कथित गड़बड़ियों को लेकर महापौर नंदलाल देवांगन और कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सवाल उठाए हैं। वहीं, पूर्व महापौर अम्बिका यदु सहित अन्य लोगों की प्रविष्टियों को लेकर भी दावे सामने आए हैं।

फिलहाल, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और निर्वाचन अधिकारियों की ओर से आधिकारिक कार्रवाई की जानकारी सामने आना बाकी है। भाजपा का पक्ष भी उपलब्ध नहीं है।

अब सबसे अहम सवाल यह है कि मतदाता सूची में कथित गलतियों की जांच कब होगी और पात्र मतदाताओं के विवरणों को सही करने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। दिसंबर में प्रस्तावित निकाय चुनाव से पहले इस मामले का निष्पक्ष और समयबद्ध समाधान चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा।

जरुर पढ़ें

InkLink News Agency is a fast-growing digital news agency and aggregator delivering accurate, timely, and reliable updates across India. We provide dedicated coverage for India, Chhattisgarh, and Madhya Pradesh, along with in-depth reporting across key categories including Business, Technology, Politics, Crime, Literature, and more.

Stay informed. Stay connected. Stay ahead with InkLink News Agency.