Chhattisgarh Flood News: छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से आ रहे पानी के कारण कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन को राहत और बचाव अभियान तेज करना पड़ा है। पिछले दो दिनों में करीब 5,000 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि 16 लोगों का हेलीकॉप्टर की मदद से हवाई रेस्क्यू किया गया।
सबसे ज्यादा असर बस्तर क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। यहां कई निचले इलाकों में पानी भर गया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन की टीमें लगातार संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी कर रही हैं।
बस्तर में 43 राहत शिविर, 5 हजार से ज्यादा लोग ठहरे

Chhattisgarh Flood News के मुताबिक, बस्तर जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में कुल 43 राहत शिविर बनाए गए हैं। इन शिविरों में 5,000 से अधिक प्रभावित लोगों को ठहराया गया है। प्रशासन की ओर से शिविरों में भोजन और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
जिले में लगातार राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है।
डोंगाघाट में 16 लोगों का हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू

बस्तर के डोंगाघाट क्षेत्र में फंसे 16 लोगों को रविवार सुबह हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित निकाला गया। इसके अलावा सोनारपाल के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर बाढ़ के पानी में फंसे करीब आधा दर्जन ट्रक चालकों और उनके सहायकों को भी राहत दलों ने सुरक्षित बाहर निकाला।
अधिकारी ने बताया कि जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में 43 राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां 5,000 से अधिक प्रभावित लोगों को ठहराया गया है और उन्हें भोजन एवं अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि शनिवार रात आठ बजे इंद्रावती नदी का जलस्तर 12.56 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 4.26 मीटर ऊपर है। जलस्तर बढ़ने के बाद निचले इलाकों और नदी किनारे बसे इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। क्षेत्र की टीम को चौबीसों घंटे संवेदनशील इलाकों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
बताया गया कि जगदलपुर-रायपुर मार्ग पर कई फीट पानी भरने के कारण ट्रक फंस गए थे। वाहन चालकों और उनके सहायकों ने ट्रकों की छत पर शरण ली और वीडियो के जरिए प्रशासन से मदद की अपील की थी। इसके बाद राहत दलों ने अभियान चलाकर उन्हें सुरक्षित निकाला।
इंद्रावती नदी खतरे के निशान से ऊपर
बस्तर में बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। शनिवार रात आठ बजे इंद्रावती नदी का जलस्तर 12.56 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 4.26 मीटर ऊपर बताया गया।
जलस्तर बढ़ने के बाद नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क किया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में टीमों को लगातार निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर और एसपी ने प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा

बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने डोंगाघाट और असना समेत कई क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
इसके साथ ही पनारापारा में बनाए गए राहत शिविर का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने राहत शिविरों में रह रहे लोगों के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी ली और बचाव कार्यों को लेकर संबंधित टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
धमतरी में बाढ़ के पानी में बहकर आईं शराब की बोतलें
बाढ़ का असर धमतरी जिले में भी देखने को मिला। महानदी का जलस्तर बढ़ने के कारण एक शराब दुकान पानी में डूब गई। दुकान में रखी कई शराब की बोतलें पानी के तेज बहाव में बह गईं।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कुछ लोग साड़ी और बांस से बनाए गए जाल की मदद से पानी में बहकर आई बोतलों को निकालते नजर आए। इस घटना का वीडियो भी चर्चा में रहा।
धमतरी में दो लोगों के लापता होने की सूचना
धमतरी जिले में अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों के लापता होने की सूचना मिली है। सिरसिदा गांव निवासी सेवानिवृत्त वन विभाग कर्मचारी बाबूलाल साहू के लापता होने की जानकारी सामने आई है।
नदी किनारे उनका मोबाइल फोन, शॉल, छड़ी और तौलिया मिलने के बाद आशंका जताई जा रही है कि वह पानी के तेज बहाव में बह गए होंगे। दूसरी घटना मगरलोड थाना क्षेत्र के मेघा गांव की है, जहां पेट्रोल पंप के पास एक नाले में 15 वर्षीय तराना निषाद के बहने की सूचना है।
दोनों मामलों में पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें तलाशी अभियान चला रही हैं।
बिलासपुर में अरपा नदी में दो बच्चे बहे
बिलासपुर जिले में भी बाढ़ और नदी के बढ़े जलस्तर के बीच हादसा हुआ। शनिवार को दयालबंद क्षेत्र के मधुबन घाट पर अरपा नदी में नहाते समय 12 और 16 साल के दो लड़के बह गए।
अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार देर रात इनमें से एक बच्चे का शव बरामद कर लिया गया, जबकि दूसरे की तलाश अभी जारी है। पुलिस और बचाव दल नदी के आसपास तलाश अभियान चला रहे हैं।
बारिश थमने के बावजूद बढ़ रहा जलस्तर
अधिकारियों के अनुसार, बारिश में कमी आने के बावजूद ऊपरी क्षेत्रों से लगातार पानी आने और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण कई नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ रहा है। इसका असर खासतौर पर बस्तर और आसपास के इलाकों में दिखाई दे रहा है।
फिलहाल प्रशासन का मुख्य फोकस बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, राहत शिविरों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने और लापता लोगों की तलाश करने पर है। संवेदनशील इलाकों में बचाव दलों की तैनाती के साथ जलस्तर पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।